


– इंडिया नज़र ब्यूरो बाजपुर – शहीद दिवसके अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊधम सिंह नगर के तत्वाधान में बाजपुर में सेवानिवृत्त पैरामिलिट्री व पूर्व सैनिकों की समस्याएं सुनने के लिए एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज योगेंद्र कुमार सागर के निर्देश पर शहीद दिवस जागरूकता अभियान के तहत आयोजित हुआ, जिसमें बाजपुर पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में पूर्व सैनिकों से उनकी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं की जानकारी ली गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियुक्त पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) शशि गुप्ता और ममता शर्मा ने बताया कि शहीद दिवस के अवसर पर पूर्व सैनिकों की जनसमस्याएं सुनना और उनके समाधान की दिशा में कानूनी मदद उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क अधिवक्ता और कानूनी सहायता प्रदान करता है, जिसका लाभ सभी पूर्व सैनिक उठा सकते हैं।
इस मौके पर पीएलवी शिवानी दीपक, संगीता और निशा परवीन ने संयुक्त रूप से बताया कि उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिए जाने वाले निःशुल्क कानूनी लाभों से जोड़ना है। उन्होंने शहीद दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। यह दिन हमें सत्य, अहिंसा, शांति, एकता और मानवता के उनके आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देता है और स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के बलिदान को याद करने का अवसर भी प्रदान करता है। पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कैप्टन एल.डी. जोशी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या हुई थी, इसलिए इस दिन को पूरे देश में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत में 30 जनवरी के साथ-साथ 23 मार्च जैसी अन्य तिथियां भी शहीद दिवस के रूप में मनाई जाती हैं, जिनका उद्देश्य राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वालों को सम्मानित करना है।
कार्यक्रम में पूर्व सैनिक संगठन के सचिव कैप्टन सुरेश पांडे, उपसचिव प्रभाकर कोरंगा, कमेंद्र सिंह, कीर्ति चंदोला, किशन सिंह बिष्ट, चन्दन सिंह सहित कई पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। बैठक के माध्यम से पूर्व सैनिकों को यह संदेश दिया गया कि किसी भी कानूनी या प्रशासनिक समस्या की स्थिति में वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकते हैं।























