– इंडिया नज़र ब्यूरोरुद्रपुर – कांग्रेस नेता और चुनाव कैंपेन कमेटी अध्यक्ष हरक सिंह रावत द्वारा सिख समाज के प्रति कथित आपत्तिजनक बयान दिए जाने के विरोध में रुद्रपुर के सिख समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिला। गुरुद्वारा सिंह सभा और सिख संगत ने मुख्य बाजार स्थित बाटा चौक पर उनका पुतला दहन कर कड़ी नाराजगी जताई।
सिख समुदाय ने कहा कि रावत के बयान से न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि देशभर के सिखों की भावनाएं आहत हुई हैं। समाज ने उनकी तुरंत गिरफ्तारी और कांग्रेस पार्टी से बर्खास्तगी की मांग उठाई है। विधायक शिव अरोरा जो पुतला दहन के दौरान मौजूद रहे, ने हरक सिंह रावत के बयान को “मानसिक दिवालियापन और घटिया सोच का परिचायक” करार दिया।
विधायक शिव अरोरा ने कहा “सिख समाज त्याग, बलिदान और देश सेवा का प्रतीक है। ऐसे महान समुदाय के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल बेहद शर्मनाक है। कांग्रेस का यह मानसिक स्तर बताता है कि वह सिख समाज की हितैषी कभी नहीं हो सकती। यह बयान माफ़ी योग्य नहीं है, प्रशासन को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”
अरोरा ने रावत पर तंज कसते हुए कहा “जो नेता दूसरों को वाणी पर संयम रखने की सीख देते फिरते हैं, उन्हीं की जुबान पर नियंत्रण नहीं है।”
देवभूमि व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष गुरमीत सिंह और सिटी क्लब डायरेक्टर सुखदेव भल्ला ने भी बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि हरक सिंह रावत को तुरंत गिरफ्तार किया जाए,कांग्रेस पार्टी उन्हे पद से हटाए, उत्तराखंड भर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा, जरूरत पड़ी तो आंदोलन देहरादून तक ले जाया जाएगा। सिख प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मुद्दा “माफी” से खत्म नहीं होगा और 2027 विधानसभा चुनाव में इसका स्पष्ट जवाब दिया जाएगा।
सिख समुदाय ने कहा कि रावत के बयान से न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि देशभर के सिखों की भावनाएं आहत हुई हैं। समाज ने उनकी तुरंत गिरफ्तारी और कांग्रेस पार्टी से बर्खास्तगी की मांग उठाई है। विधायक शिव अरोरा जो पुतला दहन के दौरान मौजूद रहे, ने हरक सिंह रावत के बयान को “मानसिक दिवालियापन और घटिया सोच का परिचायक” करार दिया।
विधायक शिव अरोरा ने कहा “सिख समाज त्याग, बलिदान और देश सेवा का प्रतीक है। ऐसे महान समुदाय के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल बेहद शर्मनाक है। कांग्रेस का यह मानसिक स्तर बताता है कि वह सिख समाज की हितैषी कभी नहीं हो सकती। यह बयान माफ़ी योग्य नहीं है, प्रशासन को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”
अरोरा ने रावत पर तंज कसते हुए कहा “जो नेता दूसरों को वाणी पर संयम रखने की सीख देते फिरते हैं, उन्हीं की जुबान पर नियंत्रण नहीं है।”
देवभूमि व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष गुरमीत सिंह और सिटी क्लब डायरेक्टर सुखदेव भल्ला ने भी बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि हरक सिंह रावत को तुरंत गिरफ्तार किया जाए,कांग्रेस पार्टी उन्हे पद से हटाए, उत्तराखंड भर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा, जरूरत पड़ी तो आंदोलन देहरादून तक ले जाया जाएगा। सिख प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मुद्दा “माफी” से खत्म नहीं होगा और 2027 विधानसभा चुनाव में इसका स्पष्ट जवाब दिया जाएगा।























