– इंडिया नज़र ब्यूरो किच्छा – इंद्रासन धान के जनक, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय इंद्रासन सिंह की पुण्यतिथि पर किच्छा नवीन मंडी स्थल में व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। क्षेत्र के किसानों के जीवन को नई दिशा देने वाले इस महान व्यक्तित्व की स्मृतियों को आज भी तराई के लोग आदर के साथ याद करते हैं।
स्वर्गीय इंद्रासन सिंह जी मूल रूप से ऊधम सिंह नगर जिले की किच्छा तहसील के ग्राम इंदरपुर के निवासी थे। उनकी खोज – इंद्रासन धान, जिसे गरीबों का बासमती भी कहा जाता है, ने खेती को नई पहचान दी। इस धान की उपज सामान्य किस्मों की तुलना में कई गुना अधिक होती थी। इसके कारण न केवल तराई क्षेत्र के किसान समृद्ध हुए, बल्कि उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में भी किसानों को आर्थिक मजबूती मिली। इसी विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा ‘विशिष्ट किसान’ सम्मान से अलंकृत किया गया था।

पुण्यतिथि के अवसर पर किच्छा मंडी में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में व्यापारियों ने पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्वर्गीय इंद्रासन सिंह के सुपुत्र आनंद सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने अपने पिता के संघर्ष, समर्पण और किसानों के प्रति उनके अथक प्रयासों को याद किया तथा बताया कि आज भी इंद्रासन धान किसानों की पहली पसंद है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि इंद्रासन सिंह द्वारा किसानों के लिए किए गए नवाचार और कृषि सुधारों के संदेश को आगे बढ़ाया जाएगा।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सोनू गुप्ता, जगदीश अरोड़ा, रवि गुप्ता, प्रमोद शर्मा, नवीन शर्मा, पवन शर्मा, शक्ति कक्कड़, आसाराम, इंजीनियर अर्जुन खनायक, नेपाल सिंह, सुरेश चंद्र सिंह, जावेद मलिक, मनोज सिंह, जनार्दन सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, किसान और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने एकस्वर में कहा कि स्वर्गीय इंद्रासन सिंह का योगदान युगों-युगों तक याद किया जाएगा।























