




नैनीताल – उत्तराखण्ड में पुलिस बल के मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक खुशहाली और संवाद को नई दिशा देने वाला कार्यक्रम “मिशन संवाद” अब एक प्रेरक आंदोलन बन चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और पुलिस महानिरीक्षक (कुमायूँ) श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल की देखरेख में संचालित यह पहल पुलिस विभाग के भीतर एक संवेदनशील और मानवीय पुलिसिंग की मिसाल पेश कर रही है।
पुलिस लाइन नैनीताल में आयोजित “संवाद वेलनेस मेला – 2025” बना आकर्षण का केंद्र
25–26 अक्टूबर 2025 को पुलिस लाइन नैनीताल में आयोजित दो दिवसीय संवाद वेलनेस मेला – 2025 में कुमायूँ परिक्षेत्र के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और उनके परिवार शामिल हुए। इस आयोजन में कक्षा 9 से 12 तक के पुलिस कर्मियों के बच्चों के लिए करियर मार्गदर्शन कार्यशालाएँ आयोजित की गईं, जिनमें दिल्ली से आमंत्रित विशेषज्ञ काउंसलर शामिल हुए। करीब 250 छात्रों ने इन कार्यशालाओं में हिस्सा लिया और अपने भविष्य की दिशा तय करने के लिए प्रेरणादायक सुझाव प्राप्त किए।
पुलिस लाइन नैनीताल में आयोजित “संवाद वेलनेस मेला – 2025” बना आकर्षण का केंद्र
25–26 अक्टूबर 2025 को पुलिस लाइन नैनीताल में आयोजित दो दिवसीय संवाद वेलनेस मेला – 2025 में कुमायूँ परिक्षेत्र के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और उनके परिवार शामिल हुए। इस आयोजन में कक्षा 9 से 12 तक के पुलिस कर्मियों के बच्चों के लिए करियर मार्गदर्शन कार्यशालाएँ आयोजित की गईं, जिनमें दिल्ली से आमंत्रित विशेषज्ञ काउंसलर शामिल हुए। करीब 250 छात्रों ने इन कार्यशालाओं में हिस्सा लिया और अपने भविष्य की दिशा तय करने के लिए प्रेरणादायक सुझाव प्राप्त किए।

मानसिक स्वास्थ्य से लेकर करियर मार्गदर्शन तक – एक समग्र पहल
“मिशन संवाद” की शुरुआत 5 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामय उपस्थिति में हुई थी। इस अवसर पर एक “संवाद मोबाइल एप” भी लॉन्च किया गया था, जिसके माध्यम से अब तक 5000 से अधिक पुलिस कर्मियों ने पंजीकरण कराया है।
अब तक अल्मोड़ा, हल्द्वानी, नैनीताल, रुद्रपुर और खटीमा में आयोजित कार्यशालाओं में करीब 900 पुलिसकर्मी शामिल हो चुके हैं, जबकि एप के माध्यम से 500 से अधिक कर्मियों को व्यक्तिगत काउंसलिंग की सुविधा मिली है।
आईजी कुमायूँ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल का कहना है कि “मिशन संवाद हमारे पुलिस बल के भीतर संवेदनशीलता, आत्मबल और पारिवारिक जुड़ाव को सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम है। हम चाहते हैं कि हर पुलिसकर्मी मानसिक रूप से स्वस्थ रहे, अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन जिए और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरे मनोयोग से निभाए। संवाद, समझ और संवेदना ही सशक्त पुलिसिंग की सच्ची पहचान हैं।”

कुमायूँ आयुक्त श्री दीपक रावत का का कहना है कि “आईजी रिद्धिम अग्रवाल की यह पहल पुलिस बल के भीतर सकारात्मक और स्वस्थ माहौल का निर्माण कर रही है। वेलनेस मेला – 2025’ के माध्यम से पुलिस कर्मियों को एक ही मंच पर स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर मार्गदर्शन, मानसिक परामर्श और सामाजिक कल्याण जैसी सुविधाएँ मिल रही हैं। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पुलिसिंग को मानवीय दिशा देने वाला ऐतिहासिक प्रयास है। मेरा सुझाव है कि ऐसे कार्यक्रम राज्य के अन्य सरकारी विभागों में भी समय-समय पर आयोजित किए जाएँ ताकि प्रशासन में संवेदनशीलता और समरसता बढ़े।”
YGROO–A–Social Enterprises “Bumby” के चेयरमैन हिमांशु पवार ने कहा “पुलिसकर्मी प्रतिदिन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हैं। ऐसे में मानसिक संतुलन बनाए रखना, तनाव प्रबंधन सीखना और टीम भावना को मजबूत रखना बहुत आवश्यक है। सकारात्मक सोच और आत्ममूल्यांकन ही एक सशक्त पुलिस बल की पहचान है।”
संवाद से सशक्त पुलिसिंग की ओर एक कदम
इस अवसर पर एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा, एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चन्द्र, सीओ लालकुआं दीपशिखा अग्रवाल,गाइडेंस फॉर कैरियर (नई दिल्ली) के काउंसलर राजेश मिश्रा, द स्कूल ऑफ काउंसलर दिल्ली की विशेषज्ञ डॉ. डायना चेरियान, प्रोजेक्ट संवाद की डायरेक्टर सुश्री आरती शंखला सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



























