



– इंडिया नज़र ब्यूरो किच्छा – क्षेत्रीय विधायक तिलक राज बेहड़ के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सरकार के खिलाफ नई मंडी में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने धान की तुलाई न होने, बरसात से फसल के नुकसान और अधिकारियों की लापरवाही को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की और नुकसान का मुआवज़ा देने की मांग की।
विधायक तिलक राज बेहड़ ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि, “यह सरकार किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। अन्नदाता खेतों में मेहनत करता है, लेकिन जब उसकी उपज बेचने का समय आता है तो उसे शोषण और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। यह अस्वीकार्य है।”
विधायक तिलक राज बेहड़ ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि, “यह सरकार किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। अन्नदाता खेतों में मेहनत करता है, लेकिन जब उसकी उपज बेचने का समय आता है तो उसे शोषण और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। यह अस्वीकार्य है।”

बेहड़ ने प्रदर्शनकारियो को सम्बोधित करते हुए कहा कि ”धान की तुलाई न होने के कारण किसान कई दिनों से अनाज मंडी में बैठे हैं। हाल की तेज बारिश से नई मंडी में पानी भर गया, जिससे किसानों की धान की फसल खराब हो गई, मगर प्रशासन ने अब तक कोई सुनवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि यह किसानों के सम्मान पर चोट है।”
विधायक ने जिला प्रशासन पर भी किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा, “सरकार पहले तो किसानों को समय पर खाद नहीं दे सकी, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हुईं। अब जब किसान मंडी में अपनी उपज लेकर आए हैं, तो प्रशासन उन्हें तुलाई और भुगतान में परेशान कर रहा है। किसान को अपनी मेहनत की कीमत पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।”

प्रदर्शन में शामिल किसानों ने कहा कि ”वे अब सरकार की उदासीनता से तंग आ चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी तुलाई और मुआवज़े की मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”
प्रदर्शनकारी किसानों ने सरकार से तीन मुख्य मांगें रखीं है, जिनमे प्रमुख है, पहली मांग धान की तुलाई शीघ्र शुरू की जाए। दूसरी किसानों को समय पर भुगतान किया जाए और तीसरी मांग बरसात से हुए नुकसान का उचित मुआवज़ा दिया जाए।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य गुरदास कालड़ा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, गुलशन सिंधी, सुनीता कश्यप, पूर्व पालिकाध्यक्ष दर्शन कोली, एन यू खान, मोहम्मद आरिफ कुरैशी, छोटे लाल कोली, राम बाबू, बंटी पपनेजा, शरीफ मलिक, जीवन जोशी समेत सैकड़ों की संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
इस दौरान क्षेत्रीय खाध नियंत्रक (आरएफसी) लता मिश्रा, उपजिलाधिकारी और तहसीलदार किच्छा ने तोल केंद्र का निरीक्षण किया और तोल अधिकारियों को किसानो के धान तोलने के निर्देश दिये। साथ ही प्रदर्शनकारियों को भी आश्वस्त किया कि किसानो की समस्याओ का समाधान किया जायेगा। ज़रुरत हुई तो तोल कांटो की संख्या बढ़ाई जायेगी।





















