

– विधायक शिव अरोरा की पहल पर दोनों पक्षो ने आपसी विवाद निपटाने पर बनी सहमति, मामले का हुआ पटाक्षेप
रुद्रपुर – श्री श्याम होम्स कॉलोनी के 8 परिवारों के आशियानों पर मंडरा रहा खतरा अब टल गया है। विधायक शिव अरोरा के अथक प्रयासों और जिला प्रशासन के सहयोग से वर्षों से अपने घरों में रह रहे इन परिवारों के चेहरे पर फिर से खुशी लौट आई है।
दरअसल, कॉलोनी निर्माता और ज़मीन स्वामी के बीच चले आ रहे आपसी विवाद के चलते न्यायालय ने मकानों को ध्वस्त करने के आदेश पारित कर दिए थे। आदेश के बाद जब जेसीबी कॉलोनी में पहुंची तो हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। मौके पर पहुंचे विधायक शिव अरोरा ने स्थिति को संभाला और प्रशासन से बातचीत कर कार्रवाई रुकवाई। विधायक अरोरा ने इस पूरे मामले की गहन जानकारी लेने के बाद कहा कि ”आठ परिवारों ने अपनी जीवनभर की कमाई से रजिस्ट्री कराकर, बैंक से कर्ज लेकर मकान बनाए हैं। ऐसे निर्दोष लोगों के आशियाने उजाड़ना न्यायोचित नहीं है।”
इसके बाद विधायक ने जिला अधिकारी और संबंधित पक्षों के साथ कई दौर की बैठकों का नेतृत्व किया। महज सात आठ दिनों की मेहनत के बाद आपसी विवाद का समाधान निकल आया। अंततः दीपक चराया और राजू रस्तोगी ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने और न्यायालय से मामला वापस लेने पर सहमति व्यक्त की।
दीपक चराया और राजू रस्तोगी ने विधायक शिव अरोरा की पहल के आधार पर मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि “हम दोनों ने आपसी विवाद को निपटा लिया है और उच्च न्यायालय में दायर मामले को भी आपसी सहमति से वापस लेंगे। श्री श्याम होम्स कॉलोनी के 8 परिवार पूरी तरह निश्चिंत रहें, उनके आशियाने टूटने नहीं दिए जाएंगे।”
विधायक शिव अरोरा ने अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता कर जानकारी दी और कहा कि अब श्री श्याम होम्स कॉलोनी के किसी भी परिवार को बेघर नहीं होना पड़ेगा।
विधायक शिव अरोरा का कहना है कि ” उनके अपने राजनीतिक जीवन में पहली बार ऐसा भावनात्मक मामला सामने आया, जब बच्चों और महिलाओं की आंखों से आंसू बहते देख मैं स्वयं भी भावुक हो गया। मेरे लिए यह केवल राजनीति का विषय नहीं, बल्कि इंसानियत और न्याय का प्रश्न था। ईमानदार प्रयासों और जिला प्रशासन व दोनों पक्षों के सहयोग से आज 8 परिवारों के घर बच गए। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी की संवेदनशील सरकार की विकासशील सोच का परिणाम है, जिसने इन परिवारों की मुस्कान लौटाई है।”
इस दौरान समाजसेवी, व्यापार मंडल पदाधिकारी, स्थानीय नागरिक और दोनों विवादित पक्ष भी मौजूद रहे। सभी ने विधायक शिव अरोरा की इस पहल और सकारात्मक प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान समाजसेवी सुशील गाबा, बलजीत गाबा, व्यापार मंडल महामंत्री मनोज छाबड़ा, कोषाध्यक्ष संदीप राव, सोनू गगनेजा, मनोज मदान, लक्ष्मी शुक्ला, दीपक चराया, राजू रस्तोगी, प्रभु दयाल शर्मा, अंजू, राजेंद्र कुमार, संध्या, प्रदीप ठाकुर, खेमचंद चौधरी, मनोज कुमार, धर्मपाल, हरप्रीत सिंह, संजय रावत, मयंक कक्कड़ सहित अन्य लोग मौजूद थे।
दरअसल, कॉलोनी निर्माता और ज़मीन स्वामी के बीच चले आ रहे आपसी विवाद के चलते न्यायालय ने मकानों को ध्वस्त करने के आदेश पारित कर दिए थे। आदेश के बाद जब जेसीबी कॉलोनी में पहुंची तो हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। मौके पर पहुंचे विधायक शिव अरोरा ने स्थिति को संभाला और प्रशासन से बातचीत कर कार्रवाई रुकवाई। विधायक अरोरा ने इस पूरे मामले की गहन जानकारी लेने के बाद कहा कि ”आठ परिवारों ने अपनी जीवनभर की कमाई से रजिस्ट्री कराकर, बैंक से कर्ज लेकर मकान बनाए हैं। ऐसे निर्दोष लोगों के आशियाने उजाड़ना न्यायोचित नहीं है।”
इसके बाद विधायक ने जिला अधिकारी और संबंधित पक्षों के साथ कई दौर की बैठकों का नेतृत्व किया। महज सात आठ दिनों की मेहनत के बाद आपसी विवाद का समाधान निकल आया। अंततः दीपक चराया और राजू रस्तोगी ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने और न्यायालय से मामला वापस लेने पर सहमति व्यक्त की।
दीपक चराया और राजू रस्तोगी ने विधायक शिव अरोरा की पहल के आधार पर मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि “हम दोनों ने आपसी विवाद को निपटा लिया है और उच्च न्यायालय में दायर मामले को भी आपसी सहमति से वापस लेंगे। श्री श्याम होम्स कॉलोनी के 8 परिवार पूरी तरह निश्चिंत रहें, उनके आशियाने टूटने नहीं दिए जाएंगे।”
विधायक शिव अरोरा ने अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता कर जानकारी दी और कहा कि अब श्री श्याम होम्स कॉलोनी के किसी भी परिवार को बेघर नहीं होना पड़ेगा।
विधायक शिव अरोरा का कहना है कि ” उनके अपने राजनीतिक जीवन में पहली बार ऐसा भावनात्मक मामला सामने आया, जब बच्चों और महिलाओं की आंखों से आंसू बहते देख मैं स्वयं भी भावुक हो गया। मेरे लिए यह केवल राजनीति का विषय नहीं, बल्कि इंसानियत और न्याय का प्रश्न था। ईमानदार प्रयासों और जिला प्रशासन व दोनों पक्षों के सहयोग से आज 8 परिवारों के घर बच गए। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी की संवेदनशील सरकार की विकासशील सोच का परिणाम है, जिसने इन परिवारों की मुस्कान लौटाई है।”
इस दौरान समाजसेवी, व्यापार मंडल पदाधिकारी, स्थानीय नागरिक और दोनों विवादित पक्ष भी मौजूद रहे। सभी ने विधायक शिव अरोरा की इस पहल और सकारात्मक प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान समाजसेवी सुशील गाबा, बलजीत गाबा, व्यापार मंडल महामंत्री मनोज छाबड़ा, कोषाध्यक्ष संदीप राव, सोनू गगनेजा, मनोज मदान, लक्ष्मी शुक्ला, दीपक चराया, राजू रस्तोगी, प्रभु दयाल शर्मा, अंजू, राजेंद्र कुमार, संध्या, प्रदीप ठाकुर, खेमचंद चौधरी, मनोज कुमार, धर्मपाल, हरप्रीत सिंह, संजय रावत, मयंक कक्कड़ सहित अन्य लोग मौजूद थे।























