

– अतिक्रमण करके बनाई गई शराब तस्कर की दुकान ध्वस्त
– किच्छा बाईपास पर कई खोखे और ठेलियां हटाई, अभियान से मचा हड़कम्प
– इंडिया नज़र ब्यूरो।रुद्रपुर – नगर निगम ने अवैध शराब कारोबार और अतिक्रमणकारियों पर बड़ी कार्रवाई की। संजय नगर खेड़ा सब्जी मंडी के पास एक खोखे में शराब बेचे जाने की शिकायत पर महापौर विकास शर्मा के निर्देश पर निगम की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण कर बनाई गई उस दुकान को ध्वस्त कर दिया।
सिर्फ एक दुकान ही नहीं, बल्कि किच्छा बाईपास रोड पर अतिक्रमण कर लगाए गए कई खोखे और ठेलियां भी हटाए गए। निगम की कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। टीम के पहुंचते ही कई दुकानदार अपना सामान समेटकर भागते नजर आए। निगम ने मौके से कई खोखों का सामान भी जब्त किया।
सिर्फ एक दुकान ही नहीं, बल्कि किच्छा बाईपास रोड पर अतिक्रमण कर लगाए गए कई खोखे और ठेलियां भी हटाए गए। निगम की कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। टीम के पहुंचते ही कई दुकानदार अपना सामान समेटकर भागते नजर आए। निगम ने मौके से कई खोखों का सामान भी जब्त किया।

निगम का एक्शन – “अतिक्रमण नहीं बर्दाश्त”
नगर आयुक्त नरेश दुर्गापाल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने साफ कहा कि सड़क पर अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि दोबारा अवैध कब्जा करने की कोशिश की गई तो और भी कड़ी कार्रवाई होगी।

महापौर का सख्त संदेश – “नशे के सौदागरों को शहर से बाहर करेंगे”
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि रुद्रपुर में नशा कारोबार करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। “जो लोग दुकानों की आड़ में समाज को खोखला कर रहे हैं, उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड’ अभियान को रुद्रपुर नगर निगम पूरी ताकत से आगे बढ़ाएगा। यह सिर्फ शुरुआत है, शहर से नशा और अतिक्रमण दोनों का सफाया किया जाएगा।”
महापौर ने यह भी बताया कि संजय नगर खेड़ा में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। शाम होते ही यह इलाका नशेड़ियों का अड्डा बन चुका था। कई बार पुलिस कार्रवाई के बावजूद आरोपी दोबारा लौट आते थे। इस बार निगम ने खुद कमान संभाली और शराब माफिया को साफ संदेश दे दिया।
आगे भी चलेगा अभियान
निगम अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। शहर में कानून व्यवस्था और सामाजिक मर्यादा बनाए रखने के लिए आवश्यकता पड़ी तो और भी बड़े स्तर पर अभियान चलाए जाएंगे।























