– मुख्यमंत्री से निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार के पति सुरेश गंगवार से मुलाक़ात चर्चाओं में।
– देश में चौथी बार गंगवार परिवार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर रह कर बना चुका है इतिहास। – परिवार “गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” में दर्ज करायेगा नाम।
रुद्रपुर – जिले में सम्पन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के परिणामों से पहले ही राजनीतिक समीकरणों की बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। वार्ड नं. 17, भंगा सीट से विजयी होने की ओर अग्रसर रेनू गंगवार के नाम को एक बार फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सुरेश गंगवार की मुलाकात के बाद गरमाई हुई है सियासत, हाल ही में रेनू गंगवार के पति एवं राजनीतिक रणनीतिकार सुरेश गंगवार की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके खटीमा स्थित आवास पर हुई मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।
उनका मुख्यमंत्री से मुलाक़ात का यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ‘गंगवार परिवार’ की ऊंची राजनीतिक पहुँच और मुख्यमंत्री से उनके मधुर संबंधों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह मुलाकात केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि आने वाले अध्यक्ष पद को लेकर रणनीतिक संवाद भी हो सकता है।
गौरतलब है कि गंगवार परिवार ने पिछले चार कार्यकालों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया हुआ है, ईश्वरी प्रसाद गंगवार और गंगवार परिवार का जिला पंचायत में वर्चस्व बना हुआ है। दो बार सुशीला गंगवार, एक बार उनके पति ईश्वरी प्रसाद गंगवार और वर्तमान में रेनू गंगवार इस पद पर आसीन थी। अब यदि रेनू गंगवार पुनः अध्यक्ष बनती हैं, तो यह गंगवार परिवार का पाँचवाँ कार्यकाल होगा — और ऐसा इतिहास में पहली बार होगा जब एक ही परिवार पाँच बार लगातार इस पद को संभालेगा।
यही नहीं, भले ही भाजपा ने इस बार भंगा सीट पर किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में आधिकारिक घोषणा नहीं की हो, लेकिन गंगवार परिवार का जुड़ाव भाजपा से रहा है। दूसरी ओर, शिवांगी गंगवार को भाजपा के ही एक धड़े और एक कैबिनेट मंत्री द्वारा समर्थन दिए जाने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद, जनता ने गंगवार परिवार के प्रभाव और उनके कार्यों पर भरोसा जताने की बात सामने आ रही है, जो कि गंगवार परिवार की सबसे बड़ी राजनीतिक जीत मानी जा रही है।
क्या गंगवार परिवार का नाम दर्ज होगा ”गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” में ?
जिला पंचायत की राजनीति में एक अनोखा और ऐतिहासिक पल सामने आ सकता है। यदि रेनू गंगवार एक बार फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज़ होती हैं, तो यह गंगवार परिवार की पाँचवीं बार अध्यक्ष पद पर ताजपोशी होगी। देश भर के रिकॉर्ड को देखे तो किसी ने भी अभी चार बार बनने का भी रिकॉर्ड नहीं बनाया है।
इस प्रकार एक ही परिवार से चार बार या पाँच बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज़ होने का रिकॉर्ड, देश में अब तक किसी भी ज़िले में कभी नहीं बना है।
क्या गिनीज़ बुक में दर्ज होगा नाम ?
गंगवार परिवार के करीबी सूत्रों का दावा है कि यदि यह रिकॉर्ड बनता है, तो वह इसे गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश की पंचायत व्यवस्था में एक नायाब उदाहरण होगा, जहाँ लोकतांत्रिक प्रणाली में एक ही परिवार का निरंतर प्रभाव और नेतृत्व देखने को मिला है।
आप देखे कि क्षेत्र में एक परिवार की इतनी पकड़ है कि वो भाजपा में रहे या कांग्रेस या फिर बिना किसी पार्टी के चुनाव मैदान में हो उसके परिवार का प्रभाव काफी गहरा है। देश में पंचायत व्यवस्था में इतनी लंबी पारिवारिक निरंतरता बहुत दुर्लभ ही मिलती है। यह रिकॉर्ड केवल सत्ता नहीं, बल्कि जन विश्वास और सेवा के सतत योगदान को दर्शाता है। यह उपलब्धि भविष्य के लिए एक प्रेरक मिसाल बन सकती है।
अब देखना यह है कि क्या 31 जुलाई के परिणाम इतिहास रचते हैं, या फिर यह रिकॉर्ड सिर्फ एक कदम दूर रह जायेगा ?

























