
– इंडिया नज़र ब्यूरोलंदन / हापुड़ – ”भारत का रहने वाला हूँ,भारत की बात सुनाता हूँ” – यह संवाद भारत कुमार के नाम से मशहूर फिल्म अभिनेता मनोज कुमार की एक फिल्म के है। लेकिन इस संवाद की गूँज अब ब्रिटिश की संसद में हो गई है। यह शब्द सुनकर पूरा संसद तालियों से गूँज उठा। यह शब्द बोलने का साहस और ज़ज़्बा रखने वाले उत्तर प्रदेश के हापुड़ के मरगूब त्यागी ने जब भारत के आर्थिक उत्थान की आभा बिखेरी तो संसद में मौजूद मेहमानो ने जमकर तालिया बजाई और उनको एकटक सुनते रहे।

यह विचार सामिआ इंटरनेशनल बिल्डर्स लिमिटेड के वाईस प्रेजिडेंट मरगूब त्यागी ने लंदन की संसद में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शिखर सम्मेलन में बतौर प्रतिनिधि की हैसियत से व्यक्त किये। उनके भाषण ने ब्रिटिश में रह रहे भारतवंशियो को नई ऊर्जा भी दी।
मरगूब त्यागी ने कहा कि ”भारत-ब्रिटिश के मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध काफी पुराने है, भारत लगातार अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक सम्बन्धो को प्रगाढ़ कर रहा है। जिससे वैश्विक साझेदारी बढ़ रही है दोनों देशो को दीर्घकालिक लाभ हो रहा है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है जो निरंतर अपनी आर्थिक नीतियों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि को निखार रहा है।”

मरगूब त्यागी ने संसद की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की चर्चा करते हुए संसद में कहा कि ”ब्रिटिश संसद का कार्य 1707 में शुरू हुआ था, और भारत की संसद का उद्घाटन भी ब्रिटिश संसद की प्रणाली की तर्ज़ पर 18 जनवरी 1927 को तत्कालीन वायसराय लॉर्ड एर्विन ने किया था। भारत की संसद दो सदनों राज्यसभा और लोकसभा में विभाजित है,जबकि ब्रिटेन की हाउस ऑफ लॉर्ड्स और हाउस ऑफ कॉमन्स की तर्ज पर स्थापित हैं।”
मरगूब त्यागी ने अपने सम्बोधन में कहा कि ”भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, शिक्षा, तकनीक और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और आत्मनिर्भर भारत अभियान भारत आज वैश्विक आर्थिक नीति निर्धारण में भागीदार बनता जा रहा है।”

ब्रिटेन के ऐतिहासिक संदर्भ में उन्होंने –”विंस्टन चर्चिल जैसे नेताओं को याद करते हुए यह भी कहा कि भारत अब उस कालखंड से बहुत आगे बढ़ चुका है और आज वह लोकतंत्र, नवाचार और सह-अस्तित्व का प्रतीक बन चुका है। इस अवसर पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, ब्रिटिश सांसदों और व्यापार जगत के लोगों ने भारत के दृष्टिकोण को सराहा है।”
मरगूब त्यागी के ब्रिटिश संसद में किये गये सम्बोधन की काफी प्रशंसा हुई है। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मरगूब त्यागी को सम्मानित किया साथ ही भारत के साथ सहयोग और संवाद बढ़ाने की इच्छा जताई।

अपने सम्मान पर मरगूब त्यागी ने इसे भारत के नागरिकों को समर्पित बताते हुए कहा, कि ”जहां भी जाऊं, भारत का तिरंगा और मस्तक ऊंचा रखु यही मेरा धर्म मुझे सिखाता है जिसका दायित्व मैं ज़िन्दगी भर निभाता रहूंगा”
इस कार्यक्रम में जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के राजनीतिक सलाहकार के सी त्यागी मुख्य अतिथि थे। लन्दन से भारतीय मूल के सांसद वीरेन्द्र शर्मा, श्री पॉल स्कूली सांसद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री इंग्लैंड, ऑब्ज़र्वर डॉन इंगलिश मैगज़ीन के मुख्य संपादक डॉ हरि ओम त्यागी भी मौजूद थे।























