

किच्छा – कल हल्द्वानी में सुशीला तिवारी अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद परिजनों समेत जच्चा-बच्चा को ला रही कार सिचाई विभाग की नहर में गिर गयी थी। जिस कारण नवजात शिशु समेत 4 लोगों की मृत्यु हो गयी थी। इस दुखद सूचना के बाद विधायक तिलक राज बेहड़ ने अपने साथियो समेत पीड़ित परिवारजनों से बरा पहुचकर मुलाकात की तथा अपनी शोक संवेदनाये प्रकट की|
विधायक तिलक राज बेहड़ ने इस पूरे घटनाक्रम पर अफ़सोस जताते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये और कहा कि जिस प्रकार परिजनों द्वारा उन्हें जानकारी देते हुए बताया गया कि बरा निवासी राकेश की पत्नी रामाकुमारी को प्रसव पीड़ा के दौरान, पहले किच्छा अस्पताल ले जाया गया किच्छा से उन्हें जिला अस्पताल रुद्रपुर तथा वहां से सुशीला अस्पताल हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया गया और सुशीला तिवारी अस्पताल में उनका इलाज किया गया जहा नार्मल डिलवरी से ही उन्होंहे बच्चे को जन्म दिया।
बेहड़ ने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सुशीला तिवारी अस्पताल में रामा की नार्मल डिलवरी हो सकती है तो क्या किच्छा या रुद्रपुर अस्पताल में इनका इलाज नहीं हो सकता था ? यहाँ क्या काबिल डाक्टर नहीं है ऐसी क्या जरूरत पड़ी, जो उन्हें हल्द्वानी रेफर किया गया ? अगर उनकी डिलवरी किच्छा या रुद्रपुर कर दी जाती तो ये हादसा ना होता |
बेहड़ ने कहा किच्छा अस्पताल लगातार डाक्टरों की कमी से जूझ रहा है। यहाँ सर्जन,फिजिशियन, रेडियोलोजिस्ट समेत कई पद खाली पड़े है, जिसको भरने की वे लगातार सरकार से मांग करा रहे है। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई किच्छा का सरकारी अस्पताल तो मात्र रेफर सेंटर बनकर रह गया है |
विधायक बेहड़ ने स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इस पूरे प्रकरण की जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करने की मांग की है |
विधायक बेहड़ ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद दिलाये जाने का आश्वासन दिलाया |
इस दौरान किच्छा कांग्रेस नगर अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी, ब्लाक अध्यक्ष गुड्डू तिवारी, मेजर सिंह, दर्शन कोली, राजेश प्रताप सिंह, गुलशन सिन्धी, ओंमप्रकाश दुआ, सुनील ठाकुर, संतोष रघुवशी, सुनीता कश्यप, मंदीप गोराया, विपिन शर्मा आदि लोग मौजूद थे|






















