
नई दिल्ली/किच्छा – उत्तराखंड में भगत सिंह कोश्यारी को कौन नहीं जानता, वो ज़मीन से जुड़े ऐसे नेता है, जिनकी सादगी की हमेशा चर्चा होती है। राज्य की राजनीति में उनका अलग ही योगदान रहा है। उनका यहां के परिवेश, संस्कृति को हमेशा प्यार रहा है। उनके चुटीले भाषण में आलोचना से ज़्यादा विकास की बात होती है।
ऐसी शख्सियत के जीवन पर मदन मोहन सती ने एक पुस्तक लिखी है। जिसका शीर्षक है ‘पर्वत शिरोमणि भगत सिंह कोश्यारी’ .इसका विमोचन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में किया।

आपको बता दे कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र व गोवा के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के जीवन पर आधारित यह पुस्तक उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की परिचायक है। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले कोश्यारी ने अपने सामाजिक-राजनीतिक जीवन को जनकल्याण का प्रबल माध्यम बनाया। वे अनेक प्रतिष्ठित पदों पर सादगी के साथ रहे।
निश्चय ही, मदन मोहन सती द्वारा लिखित पुस्तक के माध्यम से पहाड़ और पर्यावरण प्रेमी भगत सिंह कोश्यारी की सेवा भावना, राष्ट्र और समाज के लिए उनका समर्पण आने वाली पीढ़ी को संस्कारित करेगा।

पर्यावरण के लिये काम करने वाले उत्तराखंड के उभरते युवा भाजपा नेता कैलाशी नरेंद्र टाकुली उर्फ़ तारी भाई का कहना है कि भगत सिंह कोश्यारी की इस पुस्तक से बहुत कुछ सीखने और जानने का मौका मिलेगा। श्री कोश्यारी ने हमेशा से ही पहाड़ में पर्यावरण के संरक्षण के लिये कार्य किया है। उनकी सोच हमेशा पहाड़ को स्वच्छ और हरा भरा रखने की रही है। जिससे पर्यटक प्राकृतिक नज़ारो का लुत्फ़ उठा सके और हमारी नई पीढ़ी को गर्व हो।
कैलाशी नरेंद्र टाकुली उर्फ़ तारी भाई का कहना है कि वो पहाड़ के गांधी भगत सिंह कोश्यारी को जल्द ही किच्छा आमंत्रित करेंगे। उनके ओजस्वी विचार हमे नई ऊर्जा देंगे।
























