
देहरादून – उत्तराखंड की विधानसभा में ऊधम सिंह नगर जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाये जाने के खिलाफ नियम-310 के तहत किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ जमकर गरजे और उन्होंने कहा यह जनविरोधी है और गरीबो का खून चूसने वाला है। इससे व्यापारी और आमजन को कोई फायदा होने वाला नहीं है।
विधायक ने कहा कि बिजली चोरी रोकने के लिये सरकार ने जो इलेक्ट्रॉनिक मीटर एक साल पहले लगाया गया था। वो सही थे, किन्तु अचानक सरकार ने उभोक्ताओ पर बोझ डालने के लिये नए मीटर की योजना लाई है।

विधायक ने कहा कि यह यह योजना निजीकरण की और बढ़ रही है, इससे आमजन को कोई लाभ नहीं मिलेगा। विधायक ने कहा बीती 10 फरवरी को मुझे जानकारी मिली कि स्मार्ट मीटर शंकर फार्म में लगाए जा रहे है। यहां 90 प्रतिशत लोग गरीब तबके के लोग रहते है और महिलाये घर में अकेली थी। बेहड़ ने आरोप लगाया कि मीटर लगाने वाले लोग धमकाकर स्मार्ट मीटर लगा रहे थे और दस हज़ार रूपये जुर्माना भरना पडेगा।
बेहड़ ने आरोप लगाया कि अडानी के ठेकेदार जबरन लगा रहे है, एक पर्चे को विधानसभा में दिखते हुए उन्होंने कहा कि यूपीसीएल एक पर्चा बात रही है। जिसमे साफ़ लिखा है, यह स्मार्ट प्रीपेड मीटर है। इससे आम आदमी परेशान होगा। बिजली विभाग उपभोक्ताओं को कोई लाभ नहीं दे रहा है। जबकि उत्तर प्रदेश में निजी नलकूप पर किसानो को लाभ मिल रहा है। बेहड़ ने कहा स्मार्ट मीटर से कोई लाभ नहीं होने वाला नहीं है, यह जनविरोधी है, गरीब फ़ोन नहीं खरीद पायेगा और उसके घर में अन्धेरा हो जायेगा।






















