
रुद्रपुर – उत्तराखंड की सबसे प्रतिष्ठित रुद्रपुर नगर निगम की मेयर पद की सीट पर हुए चुनाव में भाजपा के मेयर प्रत्याशी विकास शर्मा ने राज्य में सर्वाधिक 12921 मतों से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के मोहन लाल खेड़ा को पराजित कर ‘कमल’ खिला दिया है। भाजपा ने यहां से हैट्रिक बनाई है, इससे पहले दो बार भाजपा का इस सीट पर कब्ज़ा रहा है।
हालांकि इस चुनाव में मतदान का प्रतिशत लगभग 68 रहा, जो अन्य निकाय क्षेत्रों से पड़े मतों से काफी कम है। इसके कई कारण गिनाये जा रहे है, लेकिन जो भी हो भाजपा और कांग्रेस में काटे की टक्कर रही। नगर के प्रथम नागरिक के ‘मेयर’ पद की हारजीत को लेकर काफी शर्ते भी लगी हुई थी ‘विकास’ की जीत पर कोई शर्त जीत गया तो तो हार गया।

यदि इस चुनाव का विश्लेषण किया जाये तो विजयी होने में मेयर प्रत्याशी विकास शर्मा की चुनाव से पहले की बनाई गई खुद की मज़बूत रणनीति थी। हालांकि अब इसका श्रेय सभी लेने में लगे हुए है। विशेषकर इस रणनीति में नगर निगम के चालीस पार्षदों के प्रत्याशियों का चयन कराने में उनकी भूमिका अग्रणी रही। जिससे वो 25 भाजपा पार्षदों को विजय दिला सके।
इसके बाद उन्होंने विधायक शिव अरोरा, पूर्व मेयर राम पाल के साथ आरएसएस और भाजपा कार्यकार्ताओं की मज़बूत टीम बनाई। पूर्व मेयर के अनुभव का भी उन्होंने लाभ उठाया। भाजपा के निष्कासित चुनाव में ख़तरा बने पूर्व विधायक राज कुमार ठुकराल और उनके भाई संजय ठुकराल का पर्चा वापस करवाकर उन्हें अपने पक्ष में करने में कामयाब रहे। इसको लेकर विवाद भी हुआ। लेकिन विकास शर्मा ने इस विवाद पर कोई टिप्पणी नहीं की।

विकास शर्मा के चुनाव में उनके ऊपर व्यक्तिगत आरोप भी लगे और स्मार्ट मीटर से उनकी ‘राजनीतिक बत्ती गुल’ करने की कोशिश की गई। लेकिन अपनी मृद शैली से वो अपनी बत्ती को जलाने में कामयाब रहे। रोज़ बदलते राजनीतिक समीकरणो से कई वार विकास असहज भी हुए और हताश भी। लेकिन धार्मिक पृवत्ति के विकास ने सब कुछ ऊपर वाले पर छोड़ दिया। उन्होंने धर्म स्थलों पर जाकर प्रार्थनाये की। जिसका परिणाम उन्हें ‘मेयर’ के उपहार के रूप में मिल गया है। यह तो उनकी शुरुआत है अभी बहुत कुछ पाना और करना वाकी है, उन्होंने लड़ना और लड़कर जीतना सीख लिया है।

अब देखना यह होगा कि वो रुद्रपुर के मतदाताओं की समस्याओ के समाधान के इम्तहान में कितना पास हो पाते है ? उनको नये सफर की ‘इंडिया नज़र’ की और से बधाई। नाम में ही ‘विकास’ है, तो ‘विकास’ की बात भी होगी।






















