

– नाहिद खानरुद्रपुर – उत्तराखंड की तराई के ऊधम सिंह नगर जिले में जलाशयों और नदी नालो के पास अवैध कच्ची शराब बनाने की दर्जनों अवैध भट्टिया चल रही थी। लेकिन इस पर अंकुश नहीं लग सका था। लेकिन इस बार नये पुलिस कप्तान मणिकांत मिश्रा ने अवैध शराब भट्टियों के खिलाफ जैसी मुहिम शुरू की है। उससे अवैध शराब का धंधा करने वालो में खलबली मची हुई है।

पुलिस कप्तान मणिकांत मिश्रा के निर्देश पर काशीपुर थाना आईआईटी क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ अपने अभियान में छापा मार कर 20 हज़ार लीटर से ज़्यादा शराब बनाने वाला लाहन नष्ट किया। सितारगंज में भी 7 हज़ार लीटर और केलाखेड़ा में भी 5 हज़ार लीटर लाहन नष्ट किया। साथ ही पुलिस ने इन भट्टियों को भी नष्ट कर दिया। जबकि शराब का धंधा करने वाले फरार हो गये।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने साफ़ चेतावनी दी है कि ”जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं” उन्होंने कहा है कि ”किसी भी रूप में अवैध शराब का धंधा करने वालो को छोड़ा नहीं जायेगा उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।” पुलिस की सख्ती से इस धंधे में लगे डर कर भाग रहे है।

आपको बता दे कि ऊधम सिंह नगर की तराई क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा कुटीर उद्योग की तरह फल फूल रहा था। इन्हे कुछ प्रभावशाली लोगो का संरक्षण भी मिला हुआ था। लेकिन नये पुलिस कप्तान की सिंघम शैली के आगे इनके संरक्षणदाता भी सिफारिश नहीं कर पा रहे है।
इस कच्ची अवैध शराब ने कितने परिवारों को बर्बाद कर दिया है, कितने लोग टीवी, किडनी इत्यादि की बीमारी से ज़िन्दगी और मौत से जूझ रहे है। कई बार महिलाओ ने इस अवैध शराब के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की है। लेकिन प्रभावशाली शराब के धंधे बाज़ो की वजह से यह धंधा चलता रहा था। लेकिन अब जिस तरह से पुलिस इन धधे बाज़ो पर अपनी पेनी नज़र बनाये हुए है, उससे लगता है कि इस धंधे पर अंकुश लगेगा।





















