
किच्छा – पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वर्तमान किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खुरपिया और प्रयाग फार्म की भूमि पर जमरानी बाँध परियोजना के विस्थापितों को बसाये जाने की योजना है। इसके लिये सवा करोड़ रूपये का भी प्रावधान भी किया गया है और एक एजेंसी भी नामित कर दी गई है। जमरानी बाँध के विस्थापितों को बसाने का हमे कोई विरोध नहीं है, लेकिन इन लोगो को बसाने से पहले खुरपिया और प्रयाग फार्म के निवासियों का पुनर्वास किया जाये।
पत्रकार वार्ता में तिलक राज बेहड़ ने कहा खुरपिया और प्रयाग फार्म में वर्षो से खेतीहर मज़दूर बसे हुए है। जो मज़दूरी करके अपना जीवन यापन करते है। शासन द्वारा यहां सिडकुल स्थापित कर यहां ओधोगिक केंद्र बनाया जा रहा है। इसी भूमि पर एम्स मेडिकल कालेज का निर्माण कार्य भी चल रहा है तथा अन्य उधोगो के लगाने के लिये भूमि आवंटित की जा रही है। ऐसे में यहां बसे सैकड़ो परिवारों का आशियाना खतरे में है।
तिलक राज बेहड़ ने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा 500 एकड़ भूमि खुरपिया फार्म में बसे लोगो को दिये जाने का फैसला किया गया था। लेकिन अभी तक उनको कोई ज़मीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। जबकि इस भूमि पर जमरानी बाँध के विस्थापितों को बसाने की तैयारी चल रही है।
विधायक बेहड़ ने कहा कि जमरानी बाँध के विस्थापित प्रभावित परिवारजनों का पुनर्वास हो इसकी किसी को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन इससे पहले खुरपिया और प्रयाग फार्म में बसे लोगो का पुनर्वास भी होना चाहिए। इसी के साथ ज़मीन का लेआउट किया जाये। यदि ऐसा नहीं होगा तो इसका विरोध किया जायेगा।
विधायक ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने कुमायूं मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर को पत्र लिख कर खुरपिया और प्रयाग फार्म के परिवारों को बसाने की मांग की है।





















