
– विक्की रस्तोगी
प्रयागराज – एक मामले की सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा कि आत्मरक्षा में पिस्तौल से गोली चलाना आग्नेयास्त्र लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन नहीं है।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की पिस्तौल को रिहा करने का आदेश दिया, यह देखते हुए कि यह कृत्य शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के अनुसार अपराध के अंतर्गत नहीं आता है। यह फैसला न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने सुनील दत्त त्रिपाठी की याचिका पर सुनाया।
त्रिपाठी के खिलाफ लखनऊ के गाज़ीपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर और अन्य लोगों पर शिकायतकर्ता और अन्य लोगों को मारने के इरादे से गोलीबारी करने का आरोप लगाया गया था।

हालांकि, यह नोट किया गया कि कथित गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ।जांच के बाद त्रिपाठी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 30 समेत विभिन्न धाराओं के तहत आरोप दर्ज किया गया. जमानत पर रिहा होने के बाद, त्रिपाठी ने अपनी लाइसेंसी ग्लॉक पिस्तौल और चार कारतूसों की रिहाई के लिए निचली अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया था। इसके बाद, त्रिपाठी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट ने कहा
धारा 30 आयुध अधिनियम, आयुध लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने को अपराध घोषित करती है, किंतु लाइसेंसी आयुध से आत्मरक्षा में फायर किया जाना आयुध अधिनियम की किस शर्त का उल्लंघन है यह न तो आलोच्य आदेश दिनांक 02.11.2023 में विद्वान मजिस्ट्रेट ने अंकित किया है और न ही विद्वान अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता न्ययालय को बता पाए।
उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए, जबकि घटना में प्रार्थी तथा सह–अभियुक्त को कई चोटें आई हैं तथा उनके द्वारा किसी व्यक्ति को कोई चोट कारित नहीं की गई है; प्रति शपथ–पत्र के साथ संलग्न साक्षी के बयान के अनुसार मारे–पीटे जाने पर आत्मरक्षा में हवाई फायर किया गया था, आयुध लाइसेंस निरस्तीकरण की कोई कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई है, आत्मरक्षा में पिस्टल से फायर करना लाइसेंस की शर्त का उल्लंघन नहीं है तथा धारा 30 आयुध अधिनियम का अपराध होना प्रतीत नहीं हो रहा है, न्यायालय का मत है कि विद्वान विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (कस्टम) द्वारा पारित आदेश दिनांक 02.11.2023 विधि में संधार्य नहीं है तथा अपास्त होने योग्य है।
हाईकोर्ट ने त्रिपाठी की पिस्तौल और कारतूस तत्काल उनके पक्ष में जारी करने का आदेश दिया।





















