

किच्छा – किच्छा चीन मिल के पेराई सत्र के शुभारम्भ पर छपे तीन आमंत्रण कार्ड वर्तमान विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच ज़ुबानी जंग का कारण बन गये है। जहाँ कॉंग्रेसी विधायक तिलक राज बेहड़ ने चीनी मिल प्रशासन पर नये बॉयलरों के लगाने में करोडो रूपये के कथित घोटाले का आरोप लगाए है और पेराई सत्र कार्यक्रम में उनकी उपेक्षा करके पूर्व विधायक शुक्ला से पेराई सत्र का शुभारम्भ करने का आरोप लगाया है। मिल प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ विधायक अपने समर्थको के साथ धरने पर बैठ गये। उनका यह भी आरोप था कि चीनी मिल का पेराई सत्र अभी शुरू नहीं हुआ है।

बाद में चीनी मिल के अधिशासी निदेशक द्वारा विधायक तिलक राज बेहड़ को लिखित में आश्वासन दिया गया कि चीनी मिल का पेराई सत्र आगामी 8 दिसंबर की रात्रि से शुरू हो जायेगा। इसके बाद विधायक ने धरना समाप्त कर दिया, साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि 8 दिसंबर को पेराई सत्र शुरू नहीं हुआ तो वो 9 दिसंबर को पुनः किसानो के साथ धरना देंगे।
आपको बता दे कि आज किच्छा चीनी मिल का पेराई सत्र का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा 6 दिसंबर को किया जाना था। इसके लिये चीनी मिल के अधिशासी निदेशक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने किसानो एवं अन्य लोगो को आमंत्रित करने के लिये कार्ड छपवाए थे। जिसमे गन्ना मंत्री सौरभ बहुगुणा के साथ ही कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक तिलक राज बेहड़ को करनी थी। कार्ड में सचिव उत्तराखंड शासन विजय कुमार यादव,जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर उदय राज सिंह के साथ ही डा मेहरबात सिंह बिष्ट प्रबंध निदेशक उत्तराखंड सहकारी चीनी मिल का नाम अंकित था। इस कार्ड में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का नाम अंकित नहीं था।

विधायक तिलक राज बेहड़ का आरोप है कि इन कार्डो के वितरण के बाद पूर्व विधायक राजेश शुक्ला नाराज़ हो गये और रातो रात उनको खुश करने के लिये चीनी मिल प्रशासन द्वारा दूसरे कार्ड छपवाये गये। जिसमे पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का नाम विशिष्ट अतिथि के रूप में जोड़ा गया था। मंत्री का कार्यक्रम स्थगित होने के कारण मिल प्रशासन द्वारा पूर्व विधायक को तरजीह दी गई और उनकी उपेक्षा की गई। विधायक का यह भी आरोप है कि पूर्व विधायक अभी भी अपने पत्रों में पूर्व विधायक के स्थान पर विधायक अंकित कर रहे है।
विधायक तिलक राज बेहड़ अपनी उपेक्षा से क्षुब्ध होकर धरने पर बैठ गये और उन्होंने आरोप लगाया कि मिल प्रशासन ने फ़र्ज़ी पेराई सत्र का शुभारम्भ किया है,जबकि चीनी मिल का पेराई सत्र आगामी 8 दिसंबर की रात्रि शुरू होना है।
विधायक और उनके समर्थको ने जमकर मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चीनी मिल में हुए घोटालो की जांच की मांग की। हंगामे की आशंका को देखते हुए चीनी मिल परिसर में भरी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी।
कांग्रेस से जुड़े किसान नेता जितेंदर सिंह संधू प्रदेश उपाध्यक्ष किसान कांग्रेस एवं अमरीक सिंह संधू सचिव किसान कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मिल प्रशासन ने तीन बार कार्ड छपवाकर किसानो के साथ धोखाधड़ी और अपमानित किया जा रहा है। जिसे किसान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया झूठ का पुलिंदा
वही विधायक तिलक राज बेहड़ के आरोपों पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने नकारते हुए कहा कि मुझे भी चीनी मिल में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। विधायक जी ने धरना शुरू कर दिया। पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में गन्ना किसानो को भुगतान में देरी होती थी। धामी जी के मुख्यमंत्री बनने और बहुगुणा के गन्ना मंत्री बनने से किसानो का भुगतान नये सत्र से पहले ही पूरा कर दे रहे है। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि चीनी मिल का बॉयलर 12 करोड़ रूपये से ठीक कराया गया है जिससे चीनी मिल किसानो का अधिक से अधिक गन्ना ले सके।
उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्व विधायक लिखने में कोई गुरेज़ नहीं है। उन्होंने अपने कार्यालय के बाहर बैनर पर पूर्व विधायक लिख रखा है। उन्होंने पत्र में विधायक लिखे जाने के आरोप पर अनभिज्ञता ज़ाहिर की।
बहरहाल जो भी चीनी मिल का पेराई सत्र दो राजनीतिक पार्टियों के विधायक और पूर्व विधायक के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। देखना यह होगा कि आगे इस ज़ुबानी जंग और आरोपों पर क्या महाभारत होती है ?





















