


रुद्रपुर – उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में उस समय सनसनी फेल गई जब विजिलेंस की टीम ने रुद्रपुर में तैनात जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी को एक लाख रूपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर जबरन कार में जाने की कोशिश की। बाद में लोगो को पता चला कि जिला पंचायत राज अधिकारी को ले जाने वाली टीम विजिलेंस की है तब लोगो को वास्तविकता पता चली।

आपको बता दे कि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार के विरूद्ध मुहिम के तहत जारी टोल फ्री नम्बर – 1064 में प्राप्त शिकायत पर निदेशक सतर्कता, उत्तराखण्ड के आदेशा पर गरुवार को पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी, नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा, (IPS) के निर्देशन में और पुलिस उपाधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी, नैनीताल अनिल मनराल के पर्यवेक्षण में विजिलेंस टीम ने निरीक्षक ललिता पाण्डे के नेतृत्व में शिकायतकर्ता की शिकायत पर जिला पंचायत राज अधिकारी, रूद्रपुर जिला ऊधमसिंहनगर रमेश चन्द्र त्रिपाठी पुत्र गंगा प्रसाद त्रिपाठी हॉल निवासी क्वार्टर- 05 आफिसर्स कालोनी, विकास भवन के पीछे रूद्रपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर को स्मार्ट बाजार रूद्रपुर की पार्किग में शिकायतकर्ता से एक लाख रूपये की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
उपरोक्त अधिकारी एक सप्लायर से पेमेंट के बदले रिश्वत मांग रहे थे। कुमाऊं सेक्टर की विजिलेंस टीम ने उन्हें एक लाख रुपए की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया। जबकि इनके घर से 20 लाख रुपए कैश बरामद किया गया है। गिरफ्तार जिला पंचायत अधिकारी 2005 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। विजिलेंस टीम ने एसपी विजिलेंस प्रह्लाद मीणा और सीओ अनिल मनराल के नेतृत्व में भ्रष्टाचारी अधिकारी को पकड़ा। टीम में इंस्पेक्टर ललिता पांडे, मनोहर सिंह दसौनी, विजोर कुमार यादव, हेम चन्द्र पांडे, हेड कांस्टेबल जगदीश सिंह बोहरा,नवीन कुमार और गिरीश कुमार शामिल थे।





















