
फिल्म रिव्यू : ‘औहाम’
बैनर – रिचा गुप्ता फिल्म्स
प्रोड्यूसर – रिचा गुप्ता
एक्टर – वरुण सूरी, ह्रदय सिंह, दिव्या मलिक,पुष्पिंदर सिंह,अमित बालाजी आदि।
डायरेक्टर – अंकित हंस
राईटर – महेश कुमार एवं हृदय सिंह
रेटिंग – 4/5
– हिमांशु तिवारी, फिल्म एडिटर नई दिल्ली – ”मुम्बईया फिल्मकारों ने बड़े बजट की पुलिस और अपराध पर काफी फिल्मे बनाई है, लेकिन पुलिस की नकारात्मक रूप ही देखने को मिलता है। रिचा गुप्ता फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म ‘औहाम’ में पुलिस को सकारात्मक कर्मठ और ईमानदार भूमिका को दिखाया गया है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कलाकारों को साथ लेकर बनाई गई यह फिल्म क्राइम शो की तरह चलती है। हालांकि कम बजट की होने के बाद भी और बड़े कलाकारों के न होने पर भी फिल्म दर्शको को बांधने में कामयाब दिख रही है। दिल्ली और उसके आसपास नोयडा के सिनेमाघरों में फिल्म को लेकर दर्शको की अच्छी प्रतिक्रिया रही है।”

फिल्म के लेखक ह्रदय सिंह और महेश कुमार ने फिल्म की कहानी में अगड़ी और पिछड़ी जाति के अंधविश्वास के साथ साथ क्राईम,प्रेम और थ्रिलर का ऐसा तड़का लगाया है कि फिल्म जब चलती है तो उसके आगे के वारे में जानने की दर्शको को जिज्ञासा बनी रहती है। फिल्म का शीर्षक ‘औहाम’ उर्दू का शब्द है,जिसका शाब्दिक अर्थ होता है भ्रमित करना।
फिल्म के कहानी एक कपल के घर से भागने से शुरू होती है। कपल के किरदार में हृदय सिंह ने शिवा का किरदार निभाया है,जबकि दिव्या मलिक ने रिया के किरदार में बेहतरीन अभिनय किया है। अचानक रिया अपनी बच्ची को छोड़कर रहस्यमय ढंग से गायब हो जाती है।
अपनी पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने शिवा पुलिस स्टेशन जाता है,जहाँ पुलिस इंस्पेक्टर यशवंत गौर को अपना दुखड़ा सुनाकर रिया को जल्द ढूंढ़ने की गुहार लगाता है। पुलिस इंस्पेक्टर के किरदार में अभिनेता वरुण सूरी ने दमदार अभिनय किया है।

फिल्म की कहानी जैसे जैसे आगे बढ़ती जाती है, रिया की गुमशुदगी का रहस्य गहराता जाता है,लेकिन ईमानदार पुलिस इंस्पेक्टर अपने कर्तव्यपरायता से इस केस की तफ्तीश करता है और रिया के गायब होने के बाद अपने अंदाज़ में छानबीन करता है और हर बिंदु पर अपनी तफ्तीश में जान लगा देता है। ईमानदार और कर्तव्य का पालन करने को कोई कोर कसर नहीं छोड़ता है। फिल्म में सभी किरदारों ने अपना बेहतरीन अभिनय किया हैं। इस फिल्म में उत्तर प्रदेश पुलिस की अलग तरह की छवि प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
‘औहाम’ छोटे बजट होने के बाबजूद बेहतर फिल्म बन पाई है, इसके निर्देशक अंकित हंस ने फिल्म के दृश्यो को एक सूत्र में ऐसे पिरोने की कोशिश की है जिससे पूरी फिल्म रहस्य, थ्रिलर और रोमांच पैदा करती है। फिल्म की लोकेशन ठीक है और संगीत भी बेहतर है। मेरे नज़रिये से कम बजट में इससे उम्दा फिल्म नहीं बन सकती थी। बड़े फिल्मो के समीक्षकों के नज़रिये से इस फिल्म के रिव्यू में कितने स्टार मिलते है, पता नहीं। लेकिन मेरे नज़रिये से ‘औहाम’ फिल्म के रिव्यू में चार स्टार बनते है। उम्मीद की जा रही है यह फिल्म दर्शको को ज़रूर पसंद आयेगी।

फिल्म की निर्मात्री रिचा गुप्ता ने भी रिस्क लेकर एक उम्दा फिल्म बनाई है। जो दर्शको का अच्छे से मनोरंजन करेगी। इसका प्रचार प्रसार भी उत्तम है, दिल्ली और नोयडा मैट्रो स्टेशन में ‘औहाम’ के पोस्टर दर्शको को अपनी और आकृषित कर रहे है।





















