बागेश्वर – भाजपा के शासन में डाक्टर कितने असुरक्षित है इसकी ताज़ा मिसाल 25 दिसंबर को कांडा सामुदायिक केंद्र में देखने को मिली है। जहां एक मामूली से हादसे पर कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित फरसवाल ने अपने समर्थको के साथ कांडा सामुदायिक केंद्र में जाकर न केवल वहा तैनात डाक्टर अभिषेक अनेजा के साथ धक्कामुक्की की बल्कि उनके साथ बदसलूकी भी की और जमकर हंगामा काटा और धरने पर बैठ गए। अब विधायक डाक्टर का तबादला करवाने पर अड़े हुए है।
डाक्टर के साथ पूर्व कांग्रेसी विधायक के इस व्यवहार के खिलाफ अब डाक्टरों ने भी विरोध शुरू कर दिया है और इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दुर्व्यवहार करने वाले पूर्व विधायक और उनके साथियो के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहे है साथ ही डाक्टरों को समुचित सुरक्षा की मांग भी कर रहे है।
डाक्टर का समर्थन करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि यदि मामूली विवादों में राजनीती की जायेगी तो उनके लिये काम करना मुश्किल हो जायेगा।
पीड़ित डॉक्टर अभिषेक अनेजा ने ‘इंडिया नज़र’ को बताया कि मामला बीते दिन एक स्कूटी और बाईक की टक्कर से गिरा मरीज़ अस्पताल आया था,किंतु उस समय वो शौचालय गये हुए थे और सिस्टर (नर्स) द्वारा काल नहीं उठा पाये। लेकिन कुछ देर बाद वो एमरजेंसी पहुंचे तो पंद्रह बीस लोग एमरजेंसी में मौजूद थे और वीडियो बना रहे थे। जिसपर मेरे द्वारा विडिओ बनाने से रोका गया तो पूर्व कांग्रेसी विधायक और उनके साथ आये कांग्रेसी नेता भड़क गये फिर उनके साथ जमकर बदसलूकी की गई और धक्का मुक्की भी की गई।
डॉक्टर अनेजा का कहां है कि मामले को समाप्त करने हेतु उन्होंने अपने मुख्य चिकित्सक के कहने पर पूर्व विधायक से माफ़ी भी मांगी इसके बाद भी मेरे साथ बदसलूकी की गई। साथ ही पीड़ित का तबादला तीन दिन के भीतर करने के लिये दबाव बनाकर एक समझौता कर दिया गया।
इस मामले की जांच के बिना एक डाक्टर का तबादला कर देने जैसे आश्वासन डाक्टरों में रोष व्याप्त है।





















