
– इंडिया नज़र ब्यूरो
देहरादून – उत्तराखंड में कोरोना की जिस फारेस्ट रिसर्च सेंटर अर्थात एफआईआर से पिछली बार शुरुआत हुई थी,इस बार भी राज्य के कोरोना मुक्त होने के बाद फिर से एक साथ 11 ट्रेनी आईएफएस अधिकारी कोरोना पॉजिटिव पाये गए है। जिससे राज्य भर में हड़कंप मच गया है। अब देहरादून के जिलाधिकारी डा० आर राजेश कुमार ने कुछ क्षेत्रों में माइक्रो कन्टेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है।
आप को बता दे यह वही एफआईआर है,जहाँ पिछली बार भी ट्रेनी आईएफएस अफसर कोरोना पॉजिटिव निकले थे। इस बार फिर से कोरोना पॉजिटिव 11 ट्रेनी अफसरों के कोरोना संक्रमित पाये जाने पर उनको आईसोलेट किया गया है।

साथ ही आज बाकायदा कोरोना से बचाव के लिये जिलाधिकारी देहरादून डा० आर राजेश कुमार द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत जनहित में सुरक्षात्मक उपाये करते हुए नगर निगम क्षेत्र के जी-2,बी-19 तिब्बतन कालोनी,डिक्लिन सहस्त्रधारा रोड,पो०ओ0 कुल्हान देहरादून को माइक्रो कन्टेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। यहां 25 नवम्बर 21 से पूर्ण लॉक डाऊन रहेगा।
जानकारी के अनुसार 48 ट्रेनी अफसरों का दल पहले लखनऊ गया था,इसके बाद दिल्ली गये थे। जहा इनका स्वास्थ्य खराब होने पर 8 आईएफएस अफसर कोरोना पॉजेटिव पाये गए थे। इसके बाद भी यह सभी अफसर देहरादून पहुंचे थे। जिसमे से तीन आईएफएस अफसर और कोरोना पॉजेटिव निकले थे। कुल 11 आईएफएस अफसरों के एक साथ कोरोना संक्रमित पाये जाने से हड़कंप मचा हुआ है। फारेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट की इस मामले में लापरवाही सामने आ रही है,यह अफसर कहाँ कोरोना पॉजेटिव हुए है। इसकी भी एक अलग टीम जांच कर रही है। इस घटना के बाद लोगो में डर देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने सभी नागरिको से सतर्कता बरतने और अफवाहे न फैलाने की अपील की है। सभी संक्रमित अफसरों का इलाज किया जा रहा है।





















