
– अजहर मलिककाशीपुर – मुसीबतों का पहाड़ काशीपुर के एक परिवार पर ऐसा टूटा कि घर का मुखिया कर्ज न चुकाने और लेनदार की धमकी से तंग आकर पहले ही आत्म हत्या कर चुका है, लेकिन परिवार को आज भी लेनदार की धमकियों मिल रही है,यह परिवार पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहा है। लेकिन पुलिस है कि इस परिवार की संवेदनाओं को समझना तो दूर इनकी आप बीती सुनने को तक तैयार नहीं है। परिवार की बेबसी भी ऐसी कि अब न्याय के लिए दर दर भटकने को मजबूर है, लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नहीं, पेश है काशीपुर से अजहर मलिक की एक खास रिपोर्ट :-
ये एक ऐसे परिवार की सच्ची कहानी है, जिसका दर्द सुनकर ही आंखे भर आएंगी, काशीपुर के महेशपुरा मदद कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाली शरीफन न्याय के लिए दर दर भटक रही है, ये परिवार कुछ साल पहले इतना खुश था कि कभी सोचा भी नहीं होगा कि दुख और तकलीफों का साया इनको ऐसे घेर लेगा, मंदी की मार ने इस परिवार का सब कुछ छीन लिया।
कोरोना काल में फैक्ट्री का इतना नुकसान हुआ कि फैक्ट्री मालिक कर्ज में डूब गया, लगातार लेनदार का दबाव बढता गया, और आखिर फैक्ट्री मालिक ने लाईव वीडियो बनाकर खुदकुशी कर ली और जिनके द्वारा लगातार पैसों के लिए धमकी दी जा रही थी, उनको अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था, जिसके बाद पुलिस की कार्यवाही शुरु हुई और लेनदार के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज हुआ। लेकिन फैक्ट्री मालिक की मौत के बाद ये पूरा परिवार टूट गया और फिर से उन्ही लेनदारों ने इस परिवार का जीना दूभर कर दिया है, फिलहाल ये परिवार लेनदारों की धमकियों के खौफ में जी रहा है।
दुखों का पहाड इस परिवार पर पहले ही गिर चुका है, पूरा परिवार अभी अपने घर के मुखिया कि मौत के सदमे से उभर भी नहीं पाया, कि लेनदारों ने फिर से धमकियां देना शुरु कर दिया, पुलिस की चौखट से न्याय न मिला तो पूरा परिवार अब डीएम के दरबार तक पहुंच गया, जहां परिवार ने अपनी आपबीती सुनाई, वहीं डीएम ने फिलहाल परिवार को कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
बहरहाल, शरीफन का परिवार भी ऐसे ही दुखों से घिरा है जिसके सामने एक तरफ परिवार के भरण पोषण की चुनौती है, तो दूसरी तरफ उसके पति की मौत के बाद लेनदारों के कर्ज चुकाने को लेकर मिल रही धमकियां है, देखना होगा कि इस परिवार को पुलिस और प्रशासन से राहत कैसे मिल पाती है या फिर ये परिवार न्याय के लिये भटकता रहेगा।





















