रुद्रपुर – जिला विकास प्राधिकरण ने जिला मुख्यालय पर बिना नक्शा स्वीकृत कराये भूमाफिया द्वारा बनाई जा रही 23 अवैध कालोनियों को अवैध घोषित करते हुए पूर्णत: रोक लगा दी गई है। जिससे अवैध कोलोनाईज़रो में हड़कंप मचा हुआ है। प्राधिकरण ने लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्यवाही की है।
आप को बता दे कि बेतरतीब ढंग से जगह जगह अवैध कालोनियों की बाढ़ सी आई हुई है,मज़े की बात तो यह है कि न तो इन कालोनियो की भूमि का 143 है और न ही जिला विकास प्राधिकरण से मानचित्र ही स्वीकृत है। रेरा से एप्रूवल भी नहीं है , इसके बाद भी अवैध कालोनी का धंधा करने का काम ढले से चल रहा है। जिससे उपभोक्ता को गुमराह कर यह खेती की भूमि को बेच रहे है। इन कालोनियों में पानी निकास, बिजली, पानी, सड़क और मूलभूत कोई सुविधा नहीं है। इसके बाद भी सब्ज़बाग दिखा कर अवरद्ध कालोनियों का धंधा बेरोकटोक चल रहा है।
हालांकि नये स्थानांतरित होकर आये जिला विकास प्राधिकरण के सचिव प्रत्युष सिंह ने कानून का डंडा चला कर 23 कालोनियों पर शिकंजा कसा है। उनकी रजिस्ट्री पर भी रोक लगा दी गई है। साथ ही अन्य ऐसी कालोनियों को चिन्हित किया जा रहा है,जो अवैध रूप से काटी जा रही है।
अवैध कालोनिया काटने वाले इतने शातिर है कि वो लुभावने प्रलोभन देकर उपभोक्ताओं के मेहनत की कमाई को लूट रहे है। कई बार एक ही प्लाट को दो लोगो को बेचने के मामले भी सामने आये है। न यह रेरा की गाईडलाईन का पालन करते है और न ही कोई सरकारी शुल्क ही अदा करते है।
यही नहीं, यह अवैध कॉलोनाइजर सिर्फ स्टाम्प पर ही खरीद फरोख्त करते है,बाद में उपभोक्ता रजिस्ट्री कराने के लिये धक्के खाता रहता है। इसी सरकार को भी लाखो रूपये के राजस्व का भी नुक्सान उठाना पढ़ रहा है।
देखना यह होगा कि इन अवैध कालोनी काटने वाले प्रभावशाली लोगो के खिलाफ कोई कार्यवाही होगी या फिर यह सिर्फ रस्मअदायगी होगी।





















