
किच्छा – ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए किच्छा चीनी मिल परिसर में कृषक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे विधायक राजेश शुक्ला एवं उद्यान विभाग के निदेशक डॉ. हरमिन्दर सिंह बवेजा ने किसानों को संबोधित किया तथा उनकी समस्याओं को सुना और उनके निस्तारण का आश्वासन दिया। साथ ही किसानों से सुझाव में भी मांगें।
किच्छा के चीनी मिल परिसर में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के बैनर तले कृषक संवाद कार्यक्रम के दौरान विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रयासरत है। सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
वर्तमान में ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है, ऐसे में इस प्रकार की खेती के लिए किसानों को प्रेरित करने के लिए इस संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में नौकरी का सपना देखने वालों को बड़ा धक्का लगा है। कोरोना के चलते कंपनियों में हायरिंग कम सी हो गई है। ऐसे में लोग नौकरी करने के बजाए खेती-किसानी में हाथ आजमाना के बारे में सोच सकते हैं। अगर आपके पास जमीन है तो आप ड्रैगन फ्रूट की खेती के जरिए बेहतर कमाई कर सकते हैं और अपना जीवनयापन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ड्रैगन फल औषधीय गुणों से भरपूर है और यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। हालांकि भारत में इसकी खेती अभी कम हो रही है मगर इसकी खेती में कम लागत के साथ मोटा मुनाफा है। किसानों को इस प्रकार की खेती पर ध्यान देकर दूसरों को जागरूक करने का काम करना चाहिए।
संवाद कार्यक्रम के दौरान किसानों ने खेती से संबधित कई सवाल किए जिनके जबाव मौके पर दिए गए। साथ ही किसानों से उनके सुझाव भी मांगें गए। इसके अलावा किसानों ने अपनी समस्याओं को भी बताया। सब्सिडी के बारे में एक किसान के सवाल पर विधायक राजेश शुक्ला ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सुनिश्चित करें कि किसान के खाते में सब्सिडी सीधे आए। इसके अलावा उन्होंने बताया कि किसानों की आय को बढ़ाने तथा खेती को बढ़ावा देने के लिए वो जल्द ही 1200 करोड़ की परियोजनाओं को उत्तराखंड में धरातल में उतारने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व में मुलाकात करेंगे।
संवाद कार्यक्रम के दौरान किसानों ने शिकायत की कि क्षेत्र में कुछ नर्सरियां पौधों की जांच के बिना ही पौधों को बेच रही हैं। जिससे अधिकांश समय में पौधे के स्वंय नष्ट हो जाने की शिकायत मिलती है। इस शिकायत पर विधायक शुक्ला ने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि वो नर्सरियों को टेस्टेड पौधे बेचने के लिए बाध्य करें साथ ही ऐसा न करने वालों के खिलाफ मुकद्मा पंजीकृत कराएं।
ड्रैगन फ्रूट का पौधा बाजार में 60 रुपए से लेकर 200 रुपए तक मिलते हैं। कीमत इस पर निर्भर करता है कि पौधा कितना पुराना है। 3 साल पुराने पौधे लगाने पर आपको उपज जल्दी मिलता है। मानसून में ड्रैगन फू्रट तैयार होता है। मानसून के चार महीने में प्रत्येक 40 दिनों के अंतराल में फल पकते हैं। एक फल का वजन औसतन 100 से 300 ग्राम तक होता है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान उद्यान निदेशक डॉ बवेजा ने किसानों को बाजपुर के युवा किसान जतिन सिंघल का उदाहरण देते हुए बताया कि जतिन ने अमेरिका से वायरलेस टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के बाद स्वदेश लौटने पर ड्रैगन फू्रट की खेती करने का फैसला लिया। और उन्होंने इसकी खेती से प्रति हेक्टेअर 15 लाख रूपए की वार्षिक की आय की।





















