

– मुन्ना अंसारी
नैनीताल – उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी जेल में कैदी की मौत के मामले मे दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़ा रुख अपनाते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला सुनाते हुए नैनीताल एसएसपी को तत्काल हटाये जाने और कैदी की मौत के मामले में आरोपी चारों बंदी रक्षकों को जिले से बाहर तबादला किये जाने और सीबीआई से जांच कराने के आदेश दिये हैं।
आपको बता दे कि मृतक प्रवेश कुमार की पत्नी ने उच्च न्यायालय नैनीताल मे हल्द्वानी उपकारागार में हुई कैदी की मौत के मामले में उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाते हुए कहा था कि उनके पति की नैनीताल जिले के हल्द्वानी के उपकारागार में 5 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी ।

गौरतलब है कि बीते 5 मार्च को हल्द्वानी उपकारागार में काशीपुर के एक कैदी की मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है पूरे घटनाक्रम की जांच नैनीताल हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंपने का फैसला सुनाया है साथ ही हाईकोर्ट ने सरकार से यह भी कहा है कि नैनीताल के एसएसपी को तत्काल ही जिले से हटाया जाये और जेल के बन्दी रक्षको को जिले से बाहर तबादला किया जाए ।
आपको बताते चलें कि काशीपुर के कुंडेश्वरी निवासी प्रवेश कुमार पुत्र रघुवर दयाल को गाली-गलौज, मारपीट व पॉक्सो एक्ट के तहत बीते चार मार्च को गिरफ्तार कर कुंडेश्वरी पुलिस द्वारा अगले दिन राजकीय चिकित्सालय में मेडिकल कराने के बाद जेल भेजा गया था। उसके बाद 5 मार्च को पुलिस अभिरक्षा में हल्द्वानी उप कारागार में बंद प्रवेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। प्रवेश कुमार की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी ने जेल प्रशासन समेत पुलिस के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी।
इस मामले में बंदी रक्षकों पर प्रवेश की पिटाई का आरोप था मामला तूल पकड़ने पर मजिस्ट्रेट जांच का आदेश हुआ था। मृतक के परिजनों की तहरीर पर भी पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज नही किया था। बाद में अदालत के आदेश पर बीती 26 मई को हत्या का नामजद मुकदमा हल्द्वानी थाने में दर्ज किया गया।
वही मृतक की पत्नी ने इस मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी मृतक की पत्नी के अधिवक्ता संजीव आकाश ने दूरभाष पर हुई बातचीत में बताया कि इस पर न्यायमूर्ति रवींद्र मैथाणी की एकलपीठ ने सुनवाई की हाईकोर्ट ने पाया कि पुलिस ने पहले तो मुकदमा दर्ज नही किया फिर जांच को भटकाने के लिए चश्मदीद गवाह के बयान न लेकर अन्य लोगों के बयान दर्ज किए।
न्यायमूर्ति मैथाणी ने पाया कि यह बेहद गंभीर किस्म का मामला है। आकाश ने कहा कि हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाये। पुलिस तीन दिन में एफआईआर समेत अन्य कागजात सीबीआई के हवाले करे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि नैनीताल के एसएसपी को तत्काल इस जिले से हटाया जाए साथ ही नामजद बंदीरक्षकों को भी किसी अन्य जिले में स्थानांतरित किया जाये।





















