– अजहर मलिकजसपुर – तराई पश्चिम वन प्रभाग की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश की अमानगढ़ रेंज में इलाज न मिल पाने के कारण एक हाथी ने दम तोड़ दिय़ा। हफ्तों बाद हाथी का सड़ा गला शव रेंजकर्मियों को गश्त के दौरान मिला। हाथी का शव देखकर वन विभाग में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलनें पर मौके पर पहुंचे उच्चाधिकारियों घटना स्थल का निरीक्षण कर हाथी का पोस्टमार्टम कराया।
आपको बता दे कि अमानगढ़ टाइगर रिजर्व रेंज के जसपुर कक्ष संख्या 16 में रेंज स्टाफ को पेट्रोलिंग के दौरान एक अवयस्क हाथी का सड़ी गली हालत मे शव मिला। हाथी के मौत की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गयी। मौके पर पहुची वन विभाग की टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया।
बताया जा रहा है मृत हाथी नर था जिसकी उम्र लगभग चार वर्ष है। हाथी के पिछले पैर मे घाव था जिसके कारण वह ज्यादा मूवमेंट नही कर पा रहा था और अपने झुंड से अलग हो गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद के बाद ही हाथी की मौत का कारण स्पष्ट हो पायेगा।
वही वाइल्ड लाइफ वेलफेयर फाउंडेशन संस्था के प्रवक्ता वीरेंद्र अग्रवाल ने वन विभाग की कार्यशैली पर आरोप लगाते हुए कहा कि वन विभाग द्वारा गस्त में खानापूर्ति की जाती है तभी किसी वन्य जीव के मरने के काफी दिनों बाद वन विभाग को पता चल पाता है इस संबंध में संस्था द्वारा वाइल्ड लाइफ बोर्ड को पत्र लिखा जा रहा है और जांच की मांग की जा रही है।





















