
– अज़हर मलिककाशीपुर – कोविड नियमों का पालन करने के लिए प्रदेश सरकार लगातार नई गाइड लाईने जारी कर रही है,जिससे कोविड 19 जैसी महामारी से बचाव हो सके,सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही सामूहिक कार्यक्रमों के आयोजनों पर भी रोक के साथ ही नियम एवं सर्तों के साथ अनुमति दी जा रही है। लेकिन जब सरकार के नुमांईदें ही इन नियमों की धज्जियां उडायें, तो इसपर आप क्या कहेंगे।
जी हां ! सरकारी तंत्र ही कोविड नियमों की धज्जियां उडाता हुआ दिख रहा है और कार्यवाही करने वाले ब्यूरोक्रेट्स मूक दर्शक बने है, क्योकि सरकारी तंत्र के सामने उनकी कार्यवाही बेअसर है, ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला प्रदेश के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के एक सरकारी कार्यक्रम में, जहां मंत्री जी के कार्यक्रम में सैंकडों लोगों की शिरकत देखी गयी, और सोशल डिस्टेंशिंग की तो मानों धज्जियां ही उड गयी हो, मंत्री जी के कार्यक्रम में राशन वितरित होना था। जिसको लेकर बडी संख्या में भीड एकत्रित हो गयी और प्रशासनिक मशीनरी ये तमाशा देखती रही, इससे पूर्व भी मंत्री जी के कार्यक्रम में कोविड नियमों की जमकर धज्जियां उडी, तब मंत्री जी ने इसके लिए खेद भी जताया था, वहीं एक बार फिर नियमों की धज्जियां उडती रही और कार्यवाही करने वाले हाथ बेबस नजर आये।

काशीपुर महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष संदीप सहगल ने सवाल उठाया है कि क्या सारे नियम कानून दूसरो के लिये है। मंत्रीगण इसका क्यों पालन नहीं करा रहे है। एक तरह से यह सत्ता का दुरूपयोग ही है।
जो भी हो,एक तरफ सरकार आम जनता पर तो कार्यवाही का चाबुक चलाने में देर नहीं लगाती, लेकिन मंत्री जी के कार्यक्रम में कोविड गाईड लाइन की धज्जियां उड़ती रही और अधिकारी आंखे मूंदे बैठे रहे। ऐसे में सवाल उठना भी लाजमी है कि सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन सिर्फ आम जनता के लिए है या फिर सरकार के नुमाइंदों को भी इसका अनुपालन करना चाहिये।





















