रुद्रपुर – अखिल भारतीय मानव अधिकार एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरबाज सिंह का साफ़ कहना है कि बीते दिनों आये मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के दौरे पर भाजपा नेताओं एक बार फिर नजूल मुद्दे को हल करने की मांग को लेकर सिर्फ ज्ञापन देकर कर रस्म अदायगी कर ली। इस मुद्दे का हल कैसे होगा,इस पर कोई गंभीरता से मनन नहीं कर रहा है। नजूल भूमि पर मालिकाना हक की मांग को इस तरह से नजरअंदाज किया जाने का खामियाजा विधानसभा चुनाव में उठाना पड़ सकता है।
गुरबाज सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के रुद्रपुर आगमन पर भाजपा जिला अध्यक्ष शिव अरोरा ने फिर मुख्यमंत्री को ध्यान दिलाया कि रूद्रपुर में बहुत बड़ी संख्या में गरीब परिवार नजूल भूमि पर निवास करते हैं। जिनको उनकी भूमि का निःशुल्क मालिकाना हक मिले, साथ ही साथ पात्र कब्जेदार जिनकी मृत्यु हो गयी है, उनके वारिसान को मालिकाना हक मिलने का प्रावधान नजूल नीति में हो एवं जिन लोगो द्वारा पूर्व की फ्री होल्ड पॉलिसी में 25 % शुल्क जमा किया जा चुका है उन्हें उसी के अनुरूप मालिकाना हक दिया जाये।
ज्ञात हो कि रुद्रपुर में विभिन्न मलिन बस्तियों के रूप में हजारों की संख्या पर लोग नजूल भूमि पर पिछले 40-50 वर्षों से बसे हैं। राज्य सरकार उसके अधीन नगर निगम द्वारा इन बस्तियों में सड़क, नाली, पानी, लाइट आदि की मूलभूत सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। लेकिन इतने लंबे समय से निवास कर रहे, इन गरीब तबके के लोगों को राज्य सरकार की ओर से बार-बार आश्वासनों के बावजूद भी नजूल भूमि पर मालिकाना हक देने के लिए कोई ठोस नजूल नीति आज तक नहीं लाई जा सकती है।
स्थानीय विधायक राजकुमार ठुकराल द्वारा नजूल भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक दिए जाने की मांग को विधानसभा में कई बार उठाया जा चुका है। विधायक द्वारा मुख्यमंत्री सहित तमाम मंत्रियों को भी इस समस्या के लिए दर्जनों बार पत्र लिखा जा चुका है। सार्वजनिक मंच से लगातार नजूल भूमि की समस्या का हल करने की मांग की जा रही है। यहां तक कि विधायक द्वारा यह भी घोषणा कर दी गई कि यदि उनके कार्यकाल में नजूल भूमि के मालिकाना हक पर राज्य सरकार कोई नजूल नीति नहीं लाती है तो वह 2022 के विधानसभा चुनाव को नहीं लड़ेंगे।
स्थानीय मेयर रामपाल सिंह द्वारा मेयर पद पर चुनाव जीतने के बाद घोषणा की गई कि जब तक रुद्रपुर में नजूल भूमि पर मालिकाना हक की समस्या का समाधान नहीं हो जाता वह अपनी कुर्सी पर नहीं बैठेंगे।
गुरबाज सिंह ने कहा कि नजूल भूमि पर मालिकाना हक की मांग को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा जब-जब भी मांग उठाई गई सरकार के मंत्रियों के स्तर से हमेशा ही उन्हें जल्द ही नजूल नीति पर ठोस नजूल नीति देने का आश्वासन देकर दिया गया, लेकिन वर्षों से चली आ रही समस्या को भाजपा सरकार पूर्ण बहुमत में होने के बावजूद भी हल नहीं कर पा रही है। भाजपा नेताओं द्वारा नजूल भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक दिए जाने की मांग अब केवल रस्म अदायगी रह गई है। इस समस्या पर केवल आश्वासन ही मिल पाता है। देखना होगा कि समस्या का समाधान कब होता है।





















