– मुन्ना अंसारी
लालकुआँ – अखिल भारतीय किसान महासभा ने आज संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आव्हान पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराते हुए केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की ।
कार रोड स्थित कार्यालय के सम्मुख कृषि कानून की प्रतियाँ जलाते हुए किसान महासभा के वरिष्ठ नेता नैन सिंह कोरंगा ने कहा क़ि कृषि कानूनों के कारण आम जनता को भारी महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। खासकर खाद्य तेल और दालों के दाम में बेतहाशा वृद्धि हुई है क्योंकि इन कानूनों में दाल, तेल और अनाज जैसी आवश्यक वस्तुओं को आवश्यक वस्तुओं के दायरे से बाहर कर दिया है जिससे इन वस्तुओं की जमाखोरी को कानूनी कर दिया है दूसरी ओर कृषि कानूनों के आने के बाद धान और फिर गेंहू के दाम प्राइवेट सेक्टर द्वारा पिछले वर्षों की तुलना में कम कर दिए गए जिससे इन कानूनों के लागू होने के पहले ही किसान व आमजन घाटे में है । लागू होने के बाद तो कॉर्पोरेट की मनमानी हो जायेगी मोदी सरकार खेती-किसानी को अम्बानी-अडानी जैसे पूंजीपतियों के मुनाफे की वस्तु बनाना चाहती है इसलिये इतने व्यापक विरोध के बाद भी अम्बानी-अडानी का हित ही मोदी सरकार के लिए सर्वोपरि है ।
कार्यक्रम में किसान महासभा के बिन्दुखत्ता सचिव पुष्कर दुबड़िया, पनीराम, शिव सिंह, निर्मला शाही, किशन बघरी, कमल जोशी, धीरज कुमार, टोनी आर्या, ललित मटियाली आदि लोग मौजूद थे ।





















