
– कोरोना मरीजों में ही पाया गया है ब्लैक फंगस।– मास्क निरंतर बदलने और धुलने से ही होगा बचाव।– डॉक्टरों की सलाह ले, घबराने की नहीं बल्कि सतर्कता की है जरुरत।
काशीपुर- कोरोना महामारी ने दूसरे चरण में जो रंग दिखाये है, उससे पूरा देश दहशत में है और अब तीसरे चरण की दहशत दिलों में बनी हुई है। ऐसे में अचानक ब्लैक फंगस की दस्तक ने लोगों को और भी डरा दिया है। आखिर ये ब्लैक फंगस क्या है और कैसे होगा इससे बचाव ? इससे बचाव के क्या साधन है ? इसका इलाज कैसे हो सकता है ? इसको लेकर डाक्टरों की टीम लगातार नये अपडेट दे रही है। उत्तराखंड में इसके बढ़ते प्रभाव के कारण इसे महामारी घोषित कर दिया गया है।
राज्य अभी कोरोना के खौफ से उबर भी नहीं पाया था,कि अचानक ब्लैक फंगस जैसी खौफनाक बीमारी से लोगो के बीच काफी दहशत फैली हुई है। हालाँकि डाक्टरों ने इससे डरने की बजाय सावधान रहने की सलाह दी है। अधिकतर कोरोना के मरीज़ रह मरीज़ो के बीच ही इस बीमारी के होने के वारे में डाक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दे जा रही है। लेकिन जिस तेज़ी से यह राज्य में दस्तक दे रही है उससे अन्य लोगो के बीच भी खौफ पसरा हुआ है,क्योकि ये ब्लैक फंगस वास्तव में इन्सानी जिन्दगी लिये खतरनाक है।
उत्तराखंड सरकार ने इसकी भयावता को देखते हुए इसे महामारी घोषित कर दिया है। इसके इलाज के लिए फिलहाल प्रदेश सरकार और विशेषज्ञों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। नई गाइडलाइन भी स्वास्थ्य विभाग को जारी कर दी है, उत्तराखंड सरकार ने इस बीमारी को भी महामारी में शामिल करते हुए सुरक्षित रहने के निर्देश दिये है। जिसमे मुख्यरूप से सावधानी बरतना बहुत ज़रूरी है। मॉस्क को लगातार बदलते रहने की सलाह दी गई है,रोज़ धुला मॉस्क पहनने और डाक्टरों की सलाह से इस रोग पर काबू पाया जा सकता है।
नोडल अधिकारी डाक्टर अमरजीत सिंह का कहना है कि ब्लैक फंगस को सरकार द्वारा महामारी घोषित किया गया है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इसकी दवाये उपलब्ध कराई जा रही है। जो भी कोबिड के मरीज़ रहे है, उनको ही हो रहा है। लोगो को सतर्क रहने की ज़रुरत है डरने की नहीं। उनका यह भी कहना है कि हम डेली मास्क इस्तेमाल करते है,उसे रोज़ बदलते रहे, कुछ भी होने पर अपने चिकित्सक से सलाह ले और इलाज करे।





















