
– नाहिद खान के साथ काशीपुर से अज़हर मलिक 
काशीपुर – उत्तराखंड के काशीपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के चार बार से चुने गये विधायक हरभजन सिंह चीमा कोरोना महामारी के दौर में नदारत है। उन्हें क्षेत्र के कोरोना मरीज़ो और तेज़ी से फैल रहे संक्रमण को रोकने की कोई चिंता नहीं है।
ऐसा हम नहीं कह रहे है बल्कि आम जनता के बीच इन दिनों विधायक के खिलाफ के लोग ऐसे ही अपना रोष व्यक्त कर रहे है। लोगो का कहना है कि ऐसे संकट की घडी में जब विधायक ही हमारी आवाज़ नहीं सुन रहा है, फिर ऐसे विधायक का क्या लाभ। जबकि राज्य में उनकी पार्टी सत्ता में है।

ऐसे में ताज़ा ताज़ा राजनीति में आये फिल्म प्रोड्यूसर बिल्डर से आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष बने दीपक वाली ने काशीपुर के बेहाल पड़े सरकारी अस्पताल एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय में जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को डाक्टरों व अन्य सुविधाये मुहैया कराने का एक प्रस्ताव दिया था। अस्पताल में डाक्टरों टेक्नीशियनों का अभाव था जिसके कारण अस्पताल में इलाज संभव नहीं हो पा रहा था,उन्होंने इस संकट काल में जो प्रस्ताव दिया उसे प्रशासन ने मान लिया। इसके बाद बीती 5 मई को अपने सौजन्य से डाक्टरो,वेल्टीलेटर और ऑक्सीजन टेक्नीशियन के साथ ही देखभाल करने वाली एडमिन टीम देकर ‘कोरोना केयर सेंटर’ की स्थापना में योगदान ही नहीं किया बल्कि अब वो कोरोना के मरीज़ो के लिए देखभाल का जिम्मा भी उठा रहे है। यहां भर्ती कई मरीज़ सही होकर जा चुके है और जल्द ही अन्य मरीज़ो की हालत में सुधार के संकेत मिल रहे है।
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले काशीपुर सरकारी अस्पताल एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय में बने ‘कोरोना केयर सेंटर’ की इन तस्वीरो देखिये कि कोरोना मरीज़ो से जब अपने ही साथ छोड़ कर भाग रहे है,ऐसे में भी अपनी ज़िन्दगी दाँव पर लगाकर सुरक्षा उपायों के साथ पीपीई किट पहन कर दीपक वाली डाक्टरों के साथ अस्पताल का निरीक्षण कर कोरोना मरीज़ो का हालचाल और व्यवस्थाओ का जायज़ा ले रहे है।
यही नहीं,निरीक्षण के दौरान दीपक वाली ने भर्ती रोगियों के तीमारदारों को संक्रमण से बचने के लिये पीपीई किट और मास्क भी भेट किये, जिससे वो अच्छे ढंग से अपने मरीज़ की सेवा कर सके और संक्रमण से बच सके। निरीक्षण के दौरान उनके साथ डॉक्टर जतिन गर्ग एवं डॉ रजनीश शर्मा मौजूद थे।
दीपक वाली का कहना है कि जो मरीज़ भर्ती है उनको कोई असुविधा नहीं है,किसी भी व्यवस्था में कोई कमी तो नहीं है उसे देखने आया था। 19 मरीज़ स्वास्थ्य लाभ ले रहे है। उनका कहना है कि वो इसके लिये कोई राजनीति नहीं कर रहे है। उनका उद्देश्य स्पष्ट है कि वो समाजसेवा के माध्यम से आमलोगों तक सुविधाये दे रहे है। उन्होंने और नेताओ की तरह ज्ञापन देकर राजनीति नहीं की बल्कि प्रस्ताव देकर कोरोना संकटकाल में सीधे मदद को हाथ बढ़ाये। यह समय लोगो की ज़्यादा से ज़्यादा मदद करने का है।





















