
– कुछ दिन पूर्व गंगोलीहाट में पचास लाख रूपये की लेपर्ड की 6 खाल बरामद की और दो तस्करो को दबोचा।– लेपर्ड खाल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 लाख रूपये है कीमत।
– नाहिद खान
ऊधम सिंह नगर – जिले के पंतनगर स्थित उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा इन दिनों राज्य में वन्य जीवो की हत्या कर उनके अंगो को अवैध रूप से तस्करी करने वालो के खिलाफ बड़ा एक्शन कर रही है। जिससे वन्य जीव की हत्या कर उनके अंगो की तस्करी करने वालो में खलबली मची हुई है।
आप को बता दे उत्तराखंड का बड़ा भूभाग वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है,जहाँ खूबसूरत टाईगर,लेपर्ड,भालू,और अन्य पक्षु- पक्षी स्वतंत्र रूप से विचरण करते है। यही खूबसूरती इनके लिये इनकी जान की दुश्मन बनी हुई है। वन क्षेत्रों में इनकी हत्या करने शिकारी सक्रिय है,जो जंगलो में छुपकर इनका शिकार करते है और फिर इनकी खालो और इनके अंगो को अंतर्राष्ट्रीय तस्करो को बेच देते है। जिससे यह विदेश तक ऊँची कीमत जाता है।

उदहारण के लिये टाइगर और लेपर्ड की खाल दस लाख से बीस लाख रूपये तक बिकती है,जो विदेश में जाकर इससे भी मंहगी हो जाती है। इसी तरह पक्षु पशुओ की हड्डियों से कई तरह दवाइया बनती है। जिसका सबसे बड़ा सौदागर चीन है ,जो नेपाल के रास्ते इस गोरखधंधे को पनपा रहा है। भारत-नेपाल सीमा इसकी तस्करी के लिये काफी कुख्यात है। इनका मकड़जाल भारत के वन क्षेत्र वाले काफी राज्यों तक फैला हुआ है, ऐसे में इनको काबू करने के लिए उत्तराखंड स्पेशल टाईगर फ़ोर्स की जाबाज़ टीम अपनी जान हथेली पर लेकर इनका सफाया करने में लगी हुई है।
पिछले ही दिनों उत्तराखंड उत्तराखंड स्पेशल टास्क फ़ोर्स को पिथौरागढ़ जिले के सेराघाट में जीव जन्तूओं की खाले और इनके अंगो के अवैध तस्करी करने वाले है। इस पर एसटीएफ कुमॉऊ एम0पी0सिंह के नेतृत्व में सेराघाट क्षेत्र में एक अभियुक्त राहुल सिंह डसीला 20 वर्ष, निवासी ग्राम सेरा उर्फ बडोली थाना बेरीनाग, जिला पिथौरागढ़, एक वन्य जीव जंतु अंगों के अंतर्राष्ट्रीय तस्कर को 06 अदद लैपर्ड की खाल नाजायज व गुलदार के 43 नाखून व 24 दांत व एक वाहन ऑल्टो सँख्या UKO5 C 3938 के साथ गिरफ्तार किया गया था। जबकि इसका एक साथी फरार हो गया। पूछताछ में अभियुक्त ने जानकारी दी वो बहुत चौकाने वाली है,अभियुक्त इन बेज़ुबान जानवरो को करंट लगाकर तड़पा तड़पा कर मारते थे। बाद में इनकी खाल और हड्डियाँ जमा कर लेते थे। बाद में इन्हे नेपाल में सक्रिय तस्करो के हाथ ऊँची कीमत पर बेचा करते थे।
इसके अलावा भी उत्तराखंड टास्क फोर्स द्वारा कुछ दिन पूर्व भी खटीमा फारेस्ट रेंज से लेपोर्ड खाल के साथ पीलीभीत के तस्कर को गिरफ्तार किया गया था। अब एसटीएफ ऐसे तस्करो और शिकारियों पर अपनी नज़र बनाये हुए है,यह तो अभी छोटी मछली है। लेकिन अभी बड़ी मछलियों का सफाया करना है जिससे वन्य जीवो का जीवन सुरक्षित रह सके।

एसटीएफ के कुमाँऊ प्रभारी एसपी सिंह का कहना है कि हम अपने मिशन पर लगे हुए है,डीजीपी के निर्देश पर ऐसे तत्वों को खंगाल रही है। गोपनीय मिशन चलता रहेगा।
स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड के और भी है अच्छे कारनामे
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स की कुमाँऊ टीम ने ढाई हज़ार रूपये के 32 साल से फरार अभियुक्त गुरुदेव सिंह को रुड़की से यमुनानगर करनाल हाईवे पर किया गिरफ्तार था। जिसके खिलाफ हरियाणा जींद में कार लूट का मुकदमा 1989 में धारा 392,411 के अंतर्गत दर्ज था। पानीपत हरियाणा से न्यायालय से जमानत के बाद से फरार चल रहा था।
अभियुक्त वर्तमान में हरियाणा क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहा था और अपने समय का नामी बदमाश था। अभियुक्त के हरियाणा और अन्य राज्यों में आपराधिक इतिहास के संबंध में जांच की जा रही है। स्पेशल टास्क फ़ोर्स उत्तराखंड द्वारा करीब 32 साल से फरार अपराधी को गिरफ्तार करने से सालों से फरार अपराधी तथा इनामी बदमाशों में कानून का डर पैदा हुआ है।





















