
रूद्रपुर- पाॅक्सो न्यायाधीश श्रीमती विजय लक्ष्मी विहान ने अब तब के अपने न्यायिक कार्य काल में अनेक सजाये सुनायीं हैं, जिनमें कई मामलों में आजीवन कारावास की सजा भी सुनायी होगीं, परन्तु आज पहली बार उन्होने निर्णय सुनाते हुए 5 वर्षीय बालक के साथ कुकर्म कर निर्मम हत्या करने के अपराध को रेयर ऑफ़ रयिरेस्ट (दुर्लभतम कुकर्म-हत्या काण्ड) करार देते हुये हरस्वरूप को धारा 302 आईपीसी में हररूवरूप को फांसी की सजा सुनायी है।
- सुरेन्द्र गिरधर
रुद्रपुर – उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के पॉक्सो न्यायालय ने पाँच वर्षीय गूंगे-अबोध बालक के साथ कुकर्म कर उसकी निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को फांसी व आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 20 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया, उसके अपराध को छिपाने के आरोप में पिता व माता को कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने बताया कि 21 फरवरी 2019 को ट्रांजिट कैंप थाने में वार्ड नम्बर 4 आजाद नगर निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट करायी कि उसका पाँच वर्षीय गूँगा बालक घर की छत पर खेल रहा था कुछ समय बाद जब उसकी माँ उसे छत से लेने के लिए गई तो वह वहाँ मौजूद नहीं था। हम लोगों ने अपने पुत्र अंश को हर संभावित जगह रिश्तेदारों को यहाँ खोजबीन की लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला, पुलिस ने गुमशुदगी में रिपोर्ट दर्ज कर दी। परिवार के लोग बच्चे की खोजबीन कर रहे थे. तो पता चला कि उनके पड़ोसी हरस्वरूप, उसके पिता पप्पू, माता श्रीमती रूपवती व पवन उनके पुत्र की खोजबीन में सहयोग नहीं कर रहे हैं और उनसे नजरें चुरा रहे हैं।
रात्रि में हमारी छत पर कुछ आवाजें सुनाई दीं तो मैं अपने परिजनों के साथ छत पर गया तो देखा कि पड़ोसी हरस्वरूप हमारे पानी के टैंक का ढक्कन खोलने का प्रयास कर रहा है, हम लोगों ने उसे पकडने का प्रयास किया, तो वह धक्का देकर भाग गया और अपने घर में जाकर छिप गया। हमने आवाज लगायी और उसका दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो है घर से बाहर नहीं आया, उसके परिजनों ने घर के अंदर से ही हमें गालियां देनी शुरू कर दी। लेकिन घर का दरवाजा नहीं खोला। उनकी इन हरकतों को देखकर हमें यकीन हो गया कि इन्हीं लोगों ने ही हमारे पुत्र की हत्या कर शव को कहीं छुपा दिया है, यदि पुलिस इन लोगों से सख्ती से पूछताछ करे तो हमारे पुत्र के बारे में जानकारी मिल सकती है।

पुलिस ने इस रिपोर्ट को भी दर्ज कर जाँच शुरू कर दी और पुलिस हरस्वरूप को 21 फरवरी 2019 की दोपहर बाद करीब ढाई बजे पकड़कर उसके घर तलाशी ली तो हमारे पुत्र की नग्न लाश उनके घर में रखे 1 बोरे से बरामद हुई, साथ ही उसके कपड़े भी बरामद हुए। पुलिस ने बालक का पोस्टमार्टम कराया तो डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बालक के शरीर पर चोटें बतानी तथा गला घोंटकर हत्या करने की बात कही साथ ही बच्चे के साथ कुकर्म किए जाने की भी पुष्टि की गई है। पुलिस ने चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है इनमें से पवन के नाबालिग होने के कारण उसका मुकदमा किशोर न्यायालय में चल रहा है। आरोपी हरस्वरूप,पप्पू व रूपवती के खिलाफ पॉक्सो न्यायाधीश श्रीमती विजय लक्ष्मी विहान की कोर्ट में चला जिसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने 11 गवाह पेश कर बच्चे के साथ कुकर्म वह हत्या करने का आरोप सिद्ध कर दिया।

शनिवार की शाम पॉक्सो न्यायाधीश श्रीमती विजय लक्ष्मी विहान ने अपना निर्णय सुनाते हुए बालक के साथ कुकर्म कर निर्मम हत्या करने के अपराध को रेयर ऑफ़ रयिरेस्ट(दुर्लभतम कुकर्म-हत्याकाण्ड) करार देते हुये हरस्वरूप को धारा 302 आईपीसी में फांसी की सजा सुनाते हुये कहा कि जब तक यह मर ना जाये तब तक इसे फांसी पर लटकाया जाता रहे। इसके अलावा धारा 377/6 पाॅक्सो एक्ट में आजीवन कारावास व 10 हजार रूपये का जुर्माना,धारा 364 आईपीसी में 7 वर्ष का कठोर कारावास व 5000 रूपये जुर्माना तथा धारा 201 आईपीसी में 6 वर्ष का कठोर कारावास व 5000 रूपये जुर्माने की सजा सुनायी। पाॅक्सो न्यायाधीश ने धारा 201 आईपीसी में हरस्वरूप के पिता पप्पू को 4 वर्ष के कठोर कारावास व उसकी माता श्रीमती रूपवती को 3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी।





















