

– राजीव गौड़
रुद्रपुर – युवा जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बने,व्यवसाय प्रारम्भ करने से पहले आवश्यक प्रशिक्षण लेना चाहिए। युवाओं को एंटरप्रेन्योर बनाने व खुद का स्वरोजगार स्थापित करने में ‘भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट’ कार्यरत है। यह ट्रस्ट युवाओं की काउंसलिंग, फाइनेंसिंग,के साथ साथ मेंटरिंग करता है युवा उद्यमिता विकास के लिए।
यह विचार दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र द्वारा आयोजित उद्यमिता- स्वरोजगार कार्यशाला में भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट के क्लस्टर हेड अनुपम अवस्थी ने व्यक्त किये। उन्होंने आगे कहा कि एंटरप्रेन्योर बनने के लिए इन्नोवेटिव थिंकिंग जरूरी है। युवा जॉब करने वाले नहीं जॉब देने वाले बने और खुद को स्किल्ड करे।
कार्यशाला में दीन दयाल उपाध्याय कौशल केन्द्र के सहायक आचार्य डॉ हरनाम सिंह ने कहा कि हर युवा के पास एक यूनिक आइडिया होती है, जरूरत है कि अपने आइडिया को प्रॉफिटेबल बिजनेस में कंवर्ट करने की। व्यवसाय-उद्यमिता में आपका व्यवहार, सर्विस क्वालिटी, प्रशिक्षण अहम भूमिका निभाता है।

कौशल केंद्र के विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार ने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा-क्षमता निखार कर समाज मे अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं। ऐसे आयोजन विभाग कराता रहता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न बिजनेस मॉडल पर चर्चा कर अपने जिज्ञासाओं का समाधान किया। जिसमे प्रमुख रूप से डॉ अमित कुमार सिंह, सूरज कुमार पासवान, कमल बाबू, दीपांशु हालदार, स्वेता मिश्रा, दीक्षा मिश्रा, संगीता मौर्य, बबीता तिवारी, अतुल तिवारी, रीना, रवीना, हर्षित कालरा सहित कौशल केंद्र के प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहें।





















