

– अज़हर मलिक
काशीपुर – किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित, महिलाओं को पारिवारिक सहायता नहीं मिलती है, तो जीवन यापन करने के सभी रास्ते बंद हो जाते है एवं ऐसी कठिन परिस्थितियों के लिए परिवार एवं समाज में पुर्नस्थापित होने हेतु विशेष सहयोग की आवश्यकता होती है । यदि किसी भी पीड़ित महिला की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ दिया जाए तो वह स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार का भी भरण पोषण कर सकती है। इस उद्देश्य से ’’मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना’’ प्रदेश में सितम्बर 2013 से प्रारंभ की गई है।

मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना’’ प्रदेश में सितम्बर 2013 से में प्रारंभ हुई थी। जिसको लेकर लगातार उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। और लगातार त्रिवेंद्र सरकार द्वारा योजनाओं से महिलाओं को रोजगार से जोड़ कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आपको बता दें की गड़ीनेगी ग्रामीण क्षेत्र में उद्यान विभाग द्वारा महिलाओं का कैंप लगाया गया। जिसमें महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बताया गया कि किस तरीके से अपनी खाली पड़ी जमीनों पर खेती कर सकते हैं, और जिन महिलाओं पर अपनी खेती की जमीन नहीं है वह महिलाएं कौन कौन सी खेती कर आप आत्मनिर्भर रोजगार से जुड़ सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में 33 पोली हाउस बन चुके हैं। और इस योजना का लाभ महिला समूह को ही दिया जा रहा है।साथ ही जिन महिलाओं के पास खेती करने के लिए अपनी जमीन नहीं है तो उसको सरकार मशरूम की खेती की ट्रेनिंग देकर उनसे मशरूम की खेती करवाई जा रही है। और उधम सिंह नगर के जसपुर क्षेत्र में पहली बार मशरूम की खेती की गई और अब मशरूम जसपुर के बाजारों में बिकने भी शुरू हो गई है। सरकार द्वारा चलाई रही योजनाओंं से जुड़ने वालेे लोगों मशरूम की खेती करने के लिए बीज में 80 परसेंट तक की छूट भी दी जा रही है।





















