
– इंडिया नज़र ब्यूरो
रुद्रपुर- आज कलेक्ट्रेट परिसर में भारी तादाद में किसानो ने हुंकार भरी और केंद्र सरकार के तीन किसान विरोधी बिल को वापस लेने की मांग की और जमकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विरोध में नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन के साथ कांग्रेस ने भी किसानो के इस आंदोलन में समर्थन दिया था। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़,पूर्व विधायक नारायण पाल ने भी इसमें शिरकत की।
किसानो का यह आंदोलन शांतिपूर्व चल रहा था,किसान अपनी मांगो को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देना चाहते थे। लेकिन जब वो कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे तो जिलाधिकारी द्वारा अपने कार्यालय से बाहर आकर ज्ञापन लेने नहीं पहुंची तो गुस्साए किसान यूनियन के प्रवक्ता ने ज्ञापन फाड़ दिया। जिससे कुछ देर के लिये अफरातफरी का माहौल बन गया। आक्रोशित किसान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विरोध में नारे छोड़ कर जिलाधिकारी मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। बाद में अपरजिलाधिकारी जगदीश चंद्र कांडपाल ने किसानो को समझा बुझा कर मामला शांत कराया।
भारतीय किसान यूनियन द्वारा के आव्हान पर किसान बिल के विरोध में किसान जुलूस निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजना चाहते थे। जिसके चलते जिले भर के किसान गांधी पार्क में जमा हुए थे। किसान यूनियन को कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दिया गया था। पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ पूर्व विधायक नारायण पाल सहित कुछ कांग्रेसी भी इस आंदोलन में शामिल हुए थे। भारी पुलिस फोर्स बल की मौजूदगी में गांधी पार्क से जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचा था।
किसानों से ज्ञापन लेने अपर जिलाधिकारी जगदीश कांडपाल पहुंचे, किंतु भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने ज्ञापन देने से इनकार कर दिया उनका कहना था, कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा देशभर में जिलाधिकारी को ही ज्ञापन देने को कहा गया है। जब जिलाधिकारी कलेक्टर परिसर के मुख्य गेट पर ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे तो सुरक्षाकर्मियों द्वारा मुख्य गेट को खोल दिया गया जिसके पश्चात किसानों का हुजूम कलेक्टर परिसर में दाखिल हो गया। किसान जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गये. किसान जिलाधिकारी को ही ज्ञापन देने पर अड़े रहे।

अपर जिलाधिकारी जगदीश कांडपाल अनुरोध के बावजूद भी किसान नहीं माने। अपर जिलाधिकारी ने किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष से जिलाधिकारी के पास पहुंचकर उनसे मिलकर ज्ञापन देने को कहा पर वह नहीं माने काफी समय तक जिलाधिकारी द्वारा अपने कार्यालय से बाहर नहीं निकलने पर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता द्वारा 10 मिनट की चेतावनी देते हुए कहा गया कि अगर 10 मिनट के अंदर जिलाधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे, तो ज्ञापन को फाड़ दिया जायेगा। लेकिन जिलाधिकारी रंजना राजगुरु ज्ञापन लेने नहीं आई, जिस पर गुस्साए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने ज्ञापन को फाड़ कर उसके दो टुकड़े कर दिये,और कलेक्टर परिसर में डीएम के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। बाद में किसानो ने जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन दिया।





















