
– इंडिया नज़र ब्यूरो
रुद्रपुर – पॉश कालोनी ओमैक्स की ओमैक्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की नई निर्वाचित कार्यकारिणी ने आज जिलाधिकारी रंजना राजगुरु को एक ज्ञापन देकर शिकायत की है कि पिछली कार्यकारिणी का कार्यकाल जनवरी 2020 में समाप्त हो चुका है। लेकिन पुरानी कार्यकारिणी के अध्यक्ष लेख राज जेटली द्वारा नई निर्वाचित कार्यकारिणी को कार्यभार नहीं दिया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि कार्यभार न मिलने की वजह से जनहित से जुड़े मुद्दों का हल नहीं हो पा रहा है। जिससे सोसायटी के लोगो को परेशानी उठानी पढ़ रही है।
ज्ञापन देने के बाद अभिषेक अग्रवाल और विजय भूषण गर्ग ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर आरोप लगाया है कि ओमेक्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (ORRWA) की पिछली कार्यकारिणी का कार्यकाल जनवरी 2020 में समाप्त हो गया था, 26 जनवरी 2020 को एक एजीएम (AGM) का आयोजन कर अगले चुनाव चुनाव समिति का गठन किया गया था। 25 मार्च 2020 को चुनाव निर्धारित थे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से यह चुनाव को 28 जून को संपन्न हुए थे।
लेकिन इसमें अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद रिक्त रह गए थे,इसका चुनाव 20 सितंबर 2020 को हुआ था। जिसमें विजय भूषण गर्ग अध्यक्ष पद और जतिन छाबड़ा कोषाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए थे. लेकिन इसके बाद भी पुरानी कार्यकारिणी के अध्यक्ष लेख राज जेटली नई कार्यकारिणी कार्यभार नहीं सौप रहे है।

प्रेस रिलीज़ में मुख्यरूप से तीन बिन्दुओ उठाते हुए उसकी जांच की मांग की है। जिसमे पहला बिंदु है,सोसाइटी के मेंटेनेंस का कार्य देखने वाली संस्था सानवी इस्टेट मैनेजमेंट एजेंसी को बिना रेजिडेंट को बताए हटा दिया गया और कोई हिसाब किताब नहीं लिया गया | सानवी इस्टेट मैनेजमेंट एजेंसी को हटाने के उपरांत लेखराज जेटली स्वयं ऑफिस में बैठने लग गए और सारे कार्यभार अपने हाथ में ले लिए और लोगों को बिना बताए, बिना पूछे अपनी मर्जी से कार्य कराने लगे जिससे निवासियों मे आक्रोश है |
दूसरा बिंदु है ओमेक्स से जो आईएफएमएस (IFMS) फंड लेना था, जो कि 5 करोड़ 78 लाख रूपये है, जिसका आज तक कोई पता नहीं है कि यह पैसा कहां गया, पूर्व अध्यक्ष लेख राज जेटली नहीं बता रहे वह पैसा कहां है | इस विषय मे चर्चा करने को तैयार नहीं हैं।
तीसरा बिंदु है रजिस्ट्रार द्वारा पूर्व समिति को नयी कार्यकारिणी के गठन होने तक केवल सामान्य कार्यों के लिए नामित किया गया था। लेकिन वह नयी कार्यकारिणी के गठन होने के उपरांत भी कार्यभार नहीं सौंप रहें हैं और अपनी मर्जी से नए निर्माण कार्य बिना रेजिडेंट के सहमति के बिना, किसी एजीएम को बुलाए संपन्न कराए जा रहे हैं। जिससे साफ पता चलता है कि इन कार्यों में इनका निजी हित छुपा हुआ है, इसी वजह से यह नई कार्यकारिणी को कार्यभार नहीं सौंप रहें हैं | जिसकी वजह से पूरे ओमेक्स के निवासियों को लग रहा है की उनके पैसे का दुरुपयोग पूर्व अध्यक्ष द्वारा किया जा रहा है |
वही नई कार्यकारिणी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की है कि पुरानी कार्यकारिणी को निरस्त करते हुए नई कार्यकारिणी को कार्यभार दिलाया जाये। इस ज्ञापन पर जिलाधिकारी द्वारा एसडीएम और तहसीलदार को जांच के आदेश दिए है।





















