

– नाहिद खान 

ऊधम सिंह नगर – इस दिवाली अपने घर में भारतीय दियो से घर को रोशन करो और उन कुम्हारो के जीवन में उजाला फेलाओ जो साल भर दिवाली के इंतज़ार में दिनरात अपने परिवार के साथ कड़ी मेहनत करके आपके लिये दियो का निर्माण करते है। इस साल आप की वजह से इनकी दिवाली मायूस नहीं होनी चाहिये। यह दिवाली पर इन छोटे कारोबारियों पर आप का ‘दिवाली गिफ्ट’ होगा।

आप को बता दे कि मिटटी से दिये बनाने वाले कारीगर यानी कुम्हार इन दिनों विपन्नता में अपना जीवन यापन कर रहे है। चीनी बाज़ार ने उनके जीवन में अन्धेरा कर दिया था। लेकिन अब चीनी सामान पर प्रतिबंध लगने के बाद इनमे नई ऊर्जा वापस लोटी है। पिछले कई महीनो से यह कड़ी मेहनत कर आपकी दिवाली के दियो को रंगबिरंगे रंगो से ही रंग ही नहीं रहे है है बल्कि इस पर नक्काशी कर दियो को नया रूप भी दे रहे है। जिससे आपकी दिवाली को रोशन कर सके।

(चीनी दिये)
बाज़ार में किसी कोने में अपनी दुकान सजाये बैठे यह कुम्हार आपको ज़रूर दिखाई देंगे। दियो के साथ ही मिटटी से बने बर्तन भी आपको अपनी और आकर्षित कर सकते है। आप अंदाज़ा लगाइये कि इनके हाथ में कितनी कला है कि यह मिटटी को बहुत ही ख़ूबसूरत और रंग बिरंगे आकार में बदल कर आपके घर की शोभा बढ़ाने की कोशिश करते है।
यह कुम्हार भी कोरोना की मार से बुरी तरह टूटे हुए है अब इनके जीवन में आप ही उजाला भर सकते है। न चाहते हुए भी इनसे कुछ न कुछ खरीदारी ज़रूर कीजिये,जिससे आपकी दिवाली की खुशियों के साथ ही इन कुम्हारो के परिवारों की दिवाली में भी उजाला रौशन हो सके। आपके छोटे से इन्वेस्ट से लक्ष्मी जी प्रसन्न होंगी और आपका कारोबार पर भी लक्ष्मी बरसेगी ऐसा मुझे विश्वास है।





















