– इंडिया नज़र ब्यूरो रुद्रपुर – एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर ऊधमसिंहनगर पुलिस ने आर्थिक अपराध और धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई करते हुए RD/FD के नाम पर लोगों से धनराशि जमा कराने वाले कलेक्शन एजेंट को गिरफ्तार किया है। सितारगंज पुलिस ने बाँसुरी म्युचुअल बेनिफिट इंडिया निधि लिमिटेड से जुड़े मामले में वांछित आरोपी राजेन्द्र प्रसाद को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 7 जनवरी को मझरा सिसौना निवासी रविता राणा ने सितारगंज कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि राजेन्द्र प्रसाद द्वारा कंपनी के नाम पर लोगों के RD/FD खाते खुलवाकर नियमित रूप से धनराशि जमा कराई गई, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद खाताधारकों को उनकी रकम वापस नहीं की गई। मामले में FIR संख्या 18/2026 के तहत धारा 316(5) BNS में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़ितों और गवाहों के बयान दर्ज किए। साथ ही 11 मूल खाता पुस्तिकाएं, 10 मूल बॉन्ड पेपर और सात मूल किस्त रसीदें कब्जे में ली गईं। पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया कि राजेन्द्र प्रसाद खुद को कंपनी का फील्ड मार्केटिंग एवं कलेक्शन एजेंट बताकर लोगों को RD/FD खाते खुलवाने के लिए प्रेरित करता था। वह खाताधारकों से प्रतिदिन 50, 100, 150 रुपये या निर्धारित किस्त के रूप में नकद राशि लेकर खाता पुस्तिका में प्रविष्टि कर अपने हस्ताक्षर करता था।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह 5 जून 2023 को कंपनी में कलेक्शन एजेंट के रूप में नियुक्त हुआ था और सितारगंज क्षेत्र में खाताधारकों से धनराशि एकत्र करता था। आरोपी के अनुसार, उसने करीब 50 से 60 लोगों के खाते खुलवाए और उनसे एकत्र करीब 15 से 20 लाख रुपये अजय गंगवार एवं राजकुमार गंगवार को दिए। उसने अजय गंगवार के कहने पर अपने बैंक खाते से ऑनलाइन धनराशि ट्रांसफर करने की बात भी पुलिस को बताई।
पुलिस के अनुसार, खाताधारकों को छोटी-छोटी दैनिक किस्तें जमा कर करीब एक वर्ष बाद मैच्योरिटी राशि वापस मिलने का भरोसा दिलाया गया था। अवधि पूरी होने के बाद रकम वापस नहीं मिलने पर आरोपी ने सितारगंज क्षेत्र में कलेक्शन का काम बंद कर दिया और करीब छह महीने से फरार चल रहा था। विवेचक उपनिरीक्षक जगत सिंह साही और कांस्टेबल कमल गहतौड़ी को 2 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे में वांछित राजेन्द्र प्रसाद सितारगंज मंडी में मौजूद है। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चौकी सिडकुल क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कंपनी के तीन पदाधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ और अब तक की विवेचना में अजय गंगवार, राजकुमार गंगवार और गीता देवी के नाम सामने आए हैं। आरोपी ने अजय गंगवार को कंपनी का चेयरमैन, राजकुमार गंगवार को मैनेजिंग डायरेक्टर और गीता देवी को डायरेक्टर बताया है। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर मामले में धारा 61(2)/3(5) BNS की बढ़ोतरी की है। प्रकाश में आए व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

















