– कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए कथित शुद्धीकरण को लेकर विवाद गहराया, शिकायतकर्ता की तहरीर पर BNS और SC/ST एक्ट की धाराओं में मुकदमा
– इंडिया नज़र ब्यूरो | हल्द्वानी – उत्तराखंड के हल्द्वानी में रामलीला मैदान को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक और सामाजिक विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हुई जनसभा के बाद मैदान में कथित तौर पर गंगाजल का छिड़काव और हवन किए जाने को लेकर उठे विवाद के बीच अब कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में FIR दर्ज की गई है।
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता अमित कुमार की तहरीर के आधार पर FIR संख्या 297/26 दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के साथ ही SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(q) के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

शुद्धीकरण को लेकर राहुल गांधी ने उठाए थे सवाल
पूरे विवाद की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई जनसभा के बाद कथित शुद्धीकरण कार्यक्रम से हुई। आरोप है कि जनसभा के बाद कुछ लोगों ने मैदान में गंगाजल का छिड़काव करने के साथ हवन किया।
इस घटना को कांग्रेस ने दलित अपमान और सामाजिक भेदभाव से जोड़ते हुए सवाल उठाए। राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़ी तस्वीरों का हवाला देते हुए इस घटनाक्रम पर भाजपा और उसके विचारों को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।
शिकायतकर्ता ने लगाए भावनाएं आहत करने के आरोप
वहीं, शुद्धीकरण कार्यक्रम से जुड़े लोगों की ओर से राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई गई। शिकायतकर्ता अमित कुमार का आरोप है कि राहुल गांधी ने अपने बयान के जरिए रामलीला मैदान में धार्मिक अनुष्ठान करने वाले लोगों और दलित समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई तथा उन्हें जानबूझकर अपमानित करने का प्रयास किया। इसी शिकायत के आधार पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
FIR के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद हल्द्वानी से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज होने के आसार हैं। कांग्रेस पहले ही रामलीला मैदान के कथित शुद्धीकरण को लेकर भाजपा पर निशाना साध रही है। कांग्रेस का आरोप है कि खड़गे की जातिगत पहचान को आधार बनाकर इस तरह का शुद्धीकरण किया जाना सामाजिक भेदभाव और दलितों के अपमान को दर्शाता है। वहीं, दूसरी ओर शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि राहुल गांधी के बयान से धार्मिक अनुष्ठान करने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले हल्द्वानी का यह विवाद अब राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। एक तरफ कांग्रेस इस पूरे मामले को दलित सम्मान और सामाजिक न्याय से जोड़ रही है, तो दूसरी तरफ राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR ने विवाद को कानूनी लड़ाई में बदल दिया है।
फिलहाल राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।




















