– इंडिया नज़र ब्यूरो | रुद्रपुर – जिला मुख्यालय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर ज्ञापन सौंपने जा रहे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सिटी क्लब के पास हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सिटी क्लब में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज से जुड़ी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया और पुलिस ने ठुकराल समेत मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घेर लिया।
पुलिस ने पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के साथ कांग्रेस प्रदेश सचिव दिनेश पंत, जिला पंचायत सदस्य सुखदेव हालदार, दिनेश कोली, राम सेवक कोली, आनंद शर्मा और सुनील चुघ समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहन से मौके से रवाना कर दिया। हिरासत में लिए जाने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए जोरदार नारेबाजी की।

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पुलिस कार्रवाई को जनता की आवाज दबाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री का विरोध करने नहीं, बल्कि जिला अस्पताल की गंभीर समस्याओं से उन्हें अवगत कराने और जनहित में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे।
ठुकराल ने आरोप लगाया कि जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल लंबे समय से महज रेफर सेंटर बनकर रह गया है। अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती नहीं होने के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के चलते मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज में अभी तक एमबीबीएस कक्षाएं शुरू नहीं होने को लेकर भी चिंता जताई। ठुकराल ने कहा कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के बजाय जनहित से जुड़े मुद्दों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस जनता की समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।




















