– रुद्रपुर से दबोचा गया मुख्य सरगना सदानंद शर्मा, बैंक खाते में फर्जी लाइसेंस कारोबार से मिले 1.70 करोड़ रुपये के लेनदेन के साक्ष्य
– इंडिया नज़र ब्यूरो रुद्रपुर – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” विजन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए इसके मास्टरमाइंड सदानंद शर्मा को रुद्रपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि सदानंद शर्मा लंबे समय से फर्जी एवं कूटरचित शस्त्र लाइसेंस तैयार कर विभिन्न लोगों को उपलब्ध करा रहा था। जांच में सामने आया है कि उसके बैंक खाते में इस अवैध कारोबार के जरिए करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। आरोपी के खिलाफ पहले भी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और शाहजहांपुर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने के मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है।
एसटीएफ द्वारा बाहरी राज्यों से उत्तराखण्ड में स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की सत्यता की जांच के दौरान काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी मुकदमे की विवेचना के दौरान सदानंद शर्मा की भूमिका सामने आई। जांच में पता चला कि आरोपी ने बड़ी संख्या में लोगों के लिए फर्जी लाइसेंस तैयार कराए और उन्हें वैध दिखाने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में भी हेरफेर कराया।
एसटीएफ जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने शाहजहांपुर स्थित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के कुछ संविदा कर्मियों की मदद से पुराने और गायब हो चुके UIN नंबरों को ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी तरीके से अपलोड कराया। इसके जरिए फर्जी लाइसेंसों को वैध दर्शाने की कोशिश की गई।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले में अब तक एसटीएफ ने राज्य के विभिन्न जनपदों में तीन मुकदमे दर्ज कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जांच के दौरान 14 अवैध हथियार, जिनमें 2 ऑटोमैटिक पंप एक्शन गन, 2 राइफल, 9 पिस्टल और 1 रिवॉल्वर शामिल हैं, बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 355 जिंदा कारतूस और कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी जब्त किए गए हैं। एसटीएफ के अनुसार उत्तराखण्ड में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों की जांच और सत्यापन अभी भी जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी लगातार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। उत्तराखण्ड पुलिस ऐसे मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि किसी के पास फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस संबंधी कोई सूचना हो तो वह तत्काल एसटीएफ को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।




















