| इंडिया नजर ब्यूरो,रुद्रपुर – रुद्रपुर में एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत से आम जनता परेशान नजर आ रही है। हालात यह हैं कि सैकड़ों उपभोक्ता सुबह 4 बजे से ही इंडेन गैस एजेंसी के बाहर लाइन में लगने को मजबूर हैं। “सिलेंडर दो-सिलेंडर दो” के नारों के बीच लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
जनता के बुलावे पर समाजसेवी सुशील गाबा एक बार फिर मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भीषण गर्मी और लंबे इंतजार से परेशान उपभोक्ताओं को शांत करने का प्रयास किया, वहीं गैस एजेंसी के स्टाफ और होम डिलीवरी कर्मियों से भी वार्ता कर निष्पक्ष और ईमानदार वितरण की अपील की।

गाबा ने इस समस्या के लिए गैस सिलेंडर बैकलॉग और DAC सिस्टम को मुख्य कारण बताया। उनका कहना है कि रुद्रपुर में रोजाना तीन गाड़ियों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल एक गाड़ी आने से संकट और गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि DAC पर्ची की बाध्यता के चलते इंडियन ऑयल के सिस्टम में लोड बढ़ाने में दिक्कत आ रही है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
उन्होंने मांग की कि इस समस्या के समाधान के लिए DAC सिस्टम को खत्म कर पुरानी पर्ची आधारित बुकिंग व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
वहीं पार्षद सचिन मुंजाल ने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण सैकड़ों चाय की दुकानें, ढाबे और छोटे व्यवसाय बंद हो चुके हैं, जिससे हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने नए कमर्शियल कनेक्शन और नियमित डिलीवरी सुनिश्चित करने की मांग की।
पार्षद परवेज कुरैशी ने भी कहा कि बस्तियों में सिलेंडर को लेकर जनता पार्षदों पर लगातार दबाव बना रही है। उन्होंने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की अपील की।
फिलहाल, रुद्रपुर में गैस संकट ने आम जनजीवन और छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।





















