


– इंडिया नज़र ब्यूरो रुद्रपुर – उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त देवभूमि” अभियान के तहत ऊधम सिंह नगर पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। रुद्रपुर में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में जिले का कुख्यात असलाह सप्लायर बंटी कोली गिरफ्तार किया गया है।
मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसमें बंटी कोली के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसके कब्जे से 9 अवैध तमंचे, एक पिस्टल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को जिले की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
रुद्रपुर में अवैध असलाह के नेटवर्क को तोड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओजी और पुलिस टीम को बड़ी सफलता मिली है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम मोदी मैदान के पास पहुंची, जहां कुख्यात असलाह सप्लायर बंटी कोली अपने साथी मनोज कुमार के साथ अवैध हथियारों की डिलीवरी देने आया था।

एसएसपी अजय गणपति ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम को देखते ही बंटी कोली ने पुलिस पर चार राउंड फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी चार राउंड फायर किए, जिसमें बंटी कोली के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक बंटी कोली के कब्जे से 7 तमंचे 315 बोर, 1 तमंचा 12 बोर,1 पिस्टल 30 बोर,18 से ज्यादा कारतूस एक मोटरसाइकिल और नगदी बरामद की गई है।
बंटी कोली पर पहले से ही आधा दर्जन से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वर्ष 2024 में उसे जिला बदर भी किया गया था। पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से जिले में अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा था और एसटीएफ को भी उसकी तलाश थी।
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि “जनपद में अवैध असलाह की तस्करी और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि बंटी कोली नाम का शातिर अपराधी अवैध हथियारों की डिलीवरी देने रुद्रपुर आ रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की तो उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से बड़ी संख्या में अवैध तमंचे, पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी लंबा है और उसके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
एसएसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि ”जनपद में अवैध हथियारों के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध हथियारों का यह नेटवर्क किन-किन लोगों तक फैला हुआ है।






















