

किच्छा – क्षेत्रीय विधायक तिलक राज बेहड़ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के हाल ही में प्रस्तावित नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाने के फैसले को एक सराहनीय एवं न्यायसंगत कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न सिर्फ संविधान की मूल भावना की रक्षा करता है बल्कि देश के सभी समुदायों तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।
विधायक तिलक राज बेहड़ ने अपने बयान में कहा कि “सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाना एक बहुत ही सकारात्मक एवं दूरदर्शी निर्णय है। मैं इस फैसले का पूरे मन से स्वागत करता हूँ। यह निर्णय पूर्णतः उचित और न्यायसंगत है और इससे देश के हर नागरिक के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे फैसले हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की गरिमा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। “हमारा संविधान सुरक्षित है, तो हम और आप सभी सुरक्षित हैं। इस निर्णय से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत सहित समाज के सभी वर्गों को आत्मविश्वास मिलेगा और शैक्षणिक वातावरण सुचारू रूप से विकसित होगा,”
विधायक तिलक राज बेहड़ ने यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र में संविधान ही हमारी पहचान है और इस तरह के फैसले यह सुनिश्चित करते हैं कि शिक्षा नीति तथा उससे जुड़े सभी नियम न्यायसंगत तथा सुलभ हों। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस फैसले से शिक्षा व्यवस्था में समावेशी और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण की मजबूत नींव तैयार होगी।
स्थानीय नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता भी विधायक के इस बयान से सहमत दिखाई दिए और उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शिक्षा से जुड़ी अनिश्चितता को कम करने में सहायता मिलेगी तथा छात्रों को राहत मिलेगी।























