

– दहशत में परिवार, वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप,एसएसपी से लगाई गुहार
– इंडिया नज़र ब्यूरो | रुद्रपुर – जनपद ऊधम सिंह नगर में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए दबंगों ने अब न्याय की लड़ाई लड़ने वाली महिला अधिवक्ता को ही निशाना बना लिया है। गदरपुर निवासी महिला अधिवक्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिसंबर 25 में शिकायती पत्र सौंपते हुए बेहद सनसनीखेज और भयावह आरोप लगाए थे, किन्तु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता महिला अधिवक्ता का कहना है कि क्षेत्र के कुछ दबंग लगातार उनके परिवार की इज्जत, जान और संपत्ति के पीछे पड़े हुए हैं, जबकि स्थानीय पुलिस की चुप्पी ने आरोपियों के हौसले और बुलंद कर दिए हैं।
गदरपुर के वार्ड नंबर-10 आज़ाद नगर निवासी तथा जिला एवं सत्र न्यायालय रुद्रपुर में प्रैक्टिस कर रही अधिवक्ता शाजिया ने बताया कि वार्ड नंबर-9 पंजाबी कॉलोनी स्थित उनके परिवार की वैध भूमि (खेत संख्या-01498) पर माननीय सिविल जज (जू.डि.) रुद्रपुर द्वारा 03 मई 2025 को स्थगन आदेश पारित किया जा चुका है। इसके बावजूद नामजद आरोपी मो. अजरुद्दीन और कारी खुर्शीद अपने कई हथियारबंद साथियों के साथ 23 नवंबर की सुबह और 25 नवंबर की शाम को लाठी-डंडों और तमंचों से लैस होकर जबरन कब्जा करने पहुंचे।
अधिवक्ता के अनुसार, जब उनकी वृद्ध माता श्रीमती अरमाना बेगम ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने खुलेआम अदालत के आदेशों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि “हम कोर्ट-कचहरी नहीं मानते, जमीन पर कब्जा होकर रहेगा।”
गदरपुर के वार्ड नंबर-10 आज़ाद नगर निवासी तथा जिला एवं सत्र न्यायालय रुद्रपुर में प्रैक्टिस कर रही अधिवक्ता शाजिया ने बताया कि वार्ड नंबर-9 पंजाबी कॉलोनी स्थित उनके परिवार की वैध भूमि (खेत संख्या-01498) पर माननीय सिविल जज (जू.डि.) रुद्रपुर द्वारा 03 मई 2025 को स्थगन आदेश पारित किया जा चुका है। इसके बावजूद नामजद आरोपी मो. अजरुद्दीन और कारी खुर्शीद अपने कई हथियारबंद साथियों के साथ 23 नवंबर की सुबह और 25 नवंबर की शाम को लाठी-डंडों और तमंचों से लैस होकर जबरन कब्जा करने पहुंचे।
अधिवक्ता के अनुसार, जब उनकी वृद्ध माता श्रीमती अरमाना बेगम ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने खुलेआम अदालत के आदेशों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि “हम कोर्ट-कचहरी नहीं मानते, जमीन पर कब्जा होकर रहेगा।”


शिकायती पत्र में और भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि मुख्य आरोपी मो. अजरुद्दीन चोरी-छिपे अधिवक्ता और उनकी बहनों के वीडियो व फोटो बनाता है और उन्हें सामाजिक रूप से बदनाम करने के लिए ब्लैकमेल कर रहा है। इतना ही नहीं, आरोप है कि दबंग लोग रात के समय अधिवक्ता के घर की सीढ़ियों और दरवाजे पर अश्लील और गंदी वस्तुएं फेंक जाते हैं, ताकि परिवार को मानसिक रूप से तोड़ा जा सके और घर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सके।
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2019 में उनके पिता के निधन के बाद घर में केवल महिलाएं ही रहती हैं और इसी स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी आए दिन रास्ते में रोककर उन्हें धमकाते हैं। आरोप है कि दबंग खुलेआम कहते हैं कि “तेरा हाल दिल्ली वाले निर्भया कांड जैसा कर देंगे।” लगातार मिल रही इन धमकियों के चलते महिला अधिवक्ता मानसिक रूप से टूट चुकी हैं और खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
अधिवक्ता का दावा है कि उन्होंने और उनकी माता ने कई बार थाना गदरपुर में लिखित और मौखिक शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की इस कथित ढिलाई और वीआईपी ट्रीटमेंट के चलते आरोपियों का दुस्साहस इतना बढ़ गया कि उन्होंने अधिवक्ता के घर पर धावा बोलना भी शुरू कर दिया।
थक-हारकर पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रुद्रपुर के साथ-साथ जिलाधिकारी, आईजी कुमाऊं, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और राज्य महिला आयोग को भी पत्र भेजकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
पीड़ित महिला अधिवक्ता ने मांग की है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। अब देखना यह होगा कि ऊधम सिंह नगर पुलिस एक महिला अधिवक्ता को सुरक्षा देने में सफल होती है या अपराधियों का भय यूं ही कानून पर हावी बना रहेगा।

























