
– इंडिया नज़र ब्यूरो हल्द्वानी – कुमायूँ परिक्षेत्र में संगठित अपराध, साइबर ठगी एवं भूमि धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल द्वारा आज परिक्षेत्र के विभिन्न थानों में पंजीकृत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील अभियोगों की गहन समीक्षा की गई। इस अवसर पर कैम्प कार्यालय, हल्द्वानी में क्षेत्राधिकारियों, विवेचकों एवं अभियोग से संबंधित वादियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई।
गोष्ठी में विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाकर की जा रही साइबर धोखाधड़ी एवं भूमि से जुड़े फर्जीवाड़े (लैण्ड फ्रॉड) के मामलों पर गंभीर मंथन किया गया। पीड़ित वरिष्ठ नागरिक स्वयं उपस्थित हुए और उन्होंने अपनी आपबीती साझा की।
गोष्ठी में विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाकर की जा रही साइबर धोखाधड़ी एवं भूमि से जुड़े फर्जीवाड़े (लैण्ड फ्रॉड) के मामलों पर गंभीर मंथन किया गया। पीड़ित वरिष्ठ नागरिक स्वयं उपस्थित हुए और उन्होंने अपनी आपबीती साझा की।

वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी साइबर ठगी के प्रमुख प्रकरण
केस–1, वादी : प्रकाश चन्द्र उप्रेती पुत्र स्व. धर्मानन्द उप्रेती निवासी : नीलांचल कॉलोनी, फेस–3, डहरिया, हल्द्वानी, घटना विवरण : वर्ष 2021 में भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी से खरीदी गई दो ऑनलाइन बीमा पॉलिसियों की धनराशि निकालने के नाम पर स्वयं को बीमा लोकपाल अधिकारी, हैदराबाद बताने वाले अज्ञात व्यक्ति द्वारा वादी से विभिन्न बैंक खातों एवं यूपीआई माध्यम से कुल 3,97,200/- की धनराशि जमा कराई गई, जिसे धोखाधड़ीपूर्वक हड़प लिया गया।
केस–2, वादी : हर्षवर्धन कुमार शर्मा पुत्र कैलाश चन्द्र शर्मा, निवासी : मकान संख्या A–14, तपस्या विहार कॉलोनी, गंगापुर रोड, ट्रांजिट कैम्प घटना विवरण : अज्ञात अभियुक्त द्वारा टेलीग्राम ऐप के माध्यम से शेयर मार्केटिंग का लिंक भेजकर अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। अभियुक्तों ने स्वयं को “डिजिटल कॉमर्स 360” नामक ऐप से जुड़ा बताते हुए फर्जी लाभ दिखाकर ऑनलाइन माध्यम से कुल 9,57,000/- की धनराशि धोखाधड़ी से प्राप्त की।
इन मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आईजी महोदया ने तकनीकी साक्ष्यों के सुदृढ़ संकलन, त्वरित अनावरण तथा ठगी गई धनराशि की शीघ्र रिकवरी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही साइबर अपराधों से निपटने के लिए सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को एसटीएफ के साथ समन्वय स्थापित कर एक टीम के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए गए।
आईजी कुमायूँ द्वारा परिक्षेत्र के समस्त जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में साइबर जागरूकता अभियान संचालित किए जाएँ। छात्र–छात्राओं को प्रेरित किया जाए कि वे अपने घरों एवं रिश्तेदारी में रहने वाले बुजुर्गों को साइबर ठगी के तरीकों से अवगत कराएँ। बुजुर्गों को पेंशन, बैंक, केवाईसी आदि के नाम पर आने वाले किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को देने की अपील की गई।
भूमि धोखाधड़ी (लैण्ड फ्रॉड) के प्रमुख प्रकरण
केस–1, जनपद नैनीताल के थाना भवाली क्षेत्रान्तर्गत ग्राम बसगाँव में स्थित 13 नाली 7 मुठ्ठी भूमि की दिनांक 16-08-2024 को फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कर दी गई। जांच में आधार कार्ड सत्यापन रिपोर्ट शून्य पाई गई तथा प्रस्तुत मोबाइल नंबर अन्य राज्यों से संबंधित पाए गए। गवाहों को धनराशि देकर खरीदे जाने की पुष्टि भी हुई।
केस–2, जनपद ऊधम सिंह नगर के बाजपुर क्षेत्र में वर्ष 2012 में क्रय की गई भूमि को दाखिल–खारिज न कराने का लाभ उठाते हुए विक्रेता द्वारा वादी के पिता के निधन के पश्चात उक्त भूमि किसी अन्य व्यक्ति के नाम विक्रय कर दी गई, जिससे भूमि धोखाधड़ी का मामला सामने आया।
भूमि धोखाधड़ी के मामलों में आईजी महोदया ने निर्देश दिए कि संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही की जाए तथा भविष्य में जनता को सतर्क करने हेतु रजिस्टार कार्यालयों में ऐसे व्यक्तियों का विवरण चस्पा कराया जाए।
नए आपराधिक कानून के तहत धारा 107 बीएनएसएस में पीड़ित को मुआवज़ा दिलाने के प्रावधान का उल्लेख करते हुए उन्होंने अभियुक्तों की अपराध से अर्जित संपत्ति के जब्तीकरण की आख्या जिलाधिकारी को प्रेषित करने एवं इस प्रावधान के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए।
आईजी महोदया ने स्पष्ट किया कि गुण–दोष के आधार पर निष्पक्ष विवेचना की जाए तथा अभियोग से जुड़े सभी आरोपियों के विरुद्ध संपत्ति जब्ती सहित कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि विवेचनाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और कानून के दायरे में रहते हुए निर्णायक कार्रवाई कर अपराधियों में भय एवं आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया जाए।






















