

रुद्रपुर – विधायक शिव अरोरा ने अपने रुद्रपुर स्थित कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता में काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण को लेकर बड़ा अपडेट दिया। लंबे समय से लंबित पड़े इस प्रोजेक्ट पर अब तेजी आने की उम्मीद जताई गई है। उन्होंने बताया कि बाईपास पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्याओं को देखते हुए चौड़ीकरण अत्यंत आवश्यक हो गया है।
विधायक अरोरा ने कहा कि पहले प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई 75-75 फीट रखी गई थी, लेकिन यह व्यापारिक दृष्टि से व्यवहारिक नहीं था। क्षेत्र के व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जय किशन को मार्ग की चौड़ाई 60-60 फीट करने का लिखित प्रस्ताव सौंपा है।
विकास प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और इसे अपनी आगामी बोर्ड बैठक के मिनट्स में शामिल भी कर लिया है। विधायक ने कहा कि जैसे ही बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास होगा, काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण कार्य जल्द आरंभ कर दिया जाएगा।
प्रेसवार्ता में विधायक अरोरा ने एक दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में नगर निगम रुद्रपुर में शामिल किए गए गांवों के लोग बिना स्वामित्व अधिकारों के कारण बड़े संकट से जूझ रहे हैं, क्योंकि इन क्षेत्रों में शामिल हुए ग्रामीणों को प्राधिकरण नियमों के मुताबिक मानचित्र पास कराए बिना कोई भी निर्माण कार्य करना संभव नहीं हो पा रहा था।
इस समस्या को देखते हुए विधायक शिव अरोरा ने कुमाऊं कमिश्नर एवं जिला विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष को प्रस्ताव दिया है कि इन गांवों को मानचित्र पास कराने की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए, ताकि वे बिना किसी कानूनी बाधा के निर्माण कार्य कर सकें।
विकास प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव को भी अपनी आगामी बोर्ड बैठक के मिनट्स में शामिल कर लिया है। इससे भूरारानी, बिगवाड़ा और आसपास के हजारों परिवारों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
विधायक शिव अरोरा का कहना है कि “काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण क्षेत्र की एक बड़ी आवश्यकता है। व्यापारियों का न्यूनतम नुकसान और जनता को अधिकतम सुविधा देने के लिए हमने 75-75 फीट की जगह 60-60 फीट चौड़ाई का प्रस्ताव रखा, जिसे प्राधिकरण ने स्वीकार कर लिया है। बोर्ड बैठक के बाद यह कार्य बहुत जल्द शुरू होगा।
नगर निगम में शामिल गांवों के लोग लंबे समय से निर्माण संबंधी प्रतिबंधों से परेशान थे। हमने उन्हें मानचित्र पास अनिवार्यता से छूट देने का प्रस्ताव रखा है। यह लागू होते ही हजारों परिवारों को सीधी राहत मिलेगी। दोनों ही फैसले जनता के हित में बड़े कदम साबित होंगे।”
विधायक अरोरा ने कहा कि पहले प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई 75-75 फीट रखी गई थी, लेकिन यह व्यापारिक दृष्टि से व्यवहारिक नहीं था। क्षेत्र के व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जय किशन को मार्ग की चौड़ाई 60-60 फीट करने का लिखित प्रस्ताव सौंपा है।
विकास प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और इसे अपनी आगामी बोर्ड बैठक के मिनट्स में शामिल भी कर लिया है। विधायक ने कहा कि जैसे ही बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास होगा, काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण कार्य जल्द आरंभ कर दिया जाएगा।
प्रेसवार्ता में विधायक अरोरा ने एक दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में नगर निगम रुद्रपुर में शामिल किए गए गांवों के लोग बिना स्वामित्व अधिकारों के कारण बड़े संकट से जूझ रहे हैं, क्योंकि इन क्षेत्रों में शामिल हुए ग्रामीणों को प्राधिकरण नियमों के मुताबिक मानचित्र पास कराए बिना कोई भी निर्माण कार्य करना संभव नहीं हो पा रहा था।
इस समस्या को देखते हुए विधायक शिव अरोरा ने कुमाऊं कमिश्नर एवं जिला विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष को प्रस्ताव दिया है कि इन गांवों को मानचित्र पास कराने की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए, ताकि वे बिना किसी कानूनी बाधा के निर्माण कार्य कर सकें।
विकास प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव को भी अपनी आगामी बोर्ड बैठक के मिनट्स में शामिल कर लिया है। इससे भूरारानी, बिगवाड़ा और आसपास के हजारों परिवारों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
विधायक शिव अरोरा का कहना है कि “काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण क्षेत्र की एक बड़ी आवश्यकता है। व्यापारियों का न्यूनतम नुकसान और जनता को अधिकतम सुविधा देने के लिए हमने 75-75 फीट की जगह 60-60 फीट चौड़ाई का प्रस्ताव रखा, जिसे प्राधिकरण ने स्वीकार कर लिया है। बोर्ड बैठक के बाद यह कार्य बहुत जल्द शुरू होगा।
नगर निगम में शामिल गांवों के लोग लंबे समय से निर्माण संबंधी प्रतिबंधों से परेशान थे। हमने उन्हें मानचित्र पास अनिवार्यता से छूट देने का प्रस्ताव रखा है। यह लागू होते ही हजारों परिवारों को सीधी राहत मिलेगी। दोनों ही फैसले जनता के हित में बड़े कदम साबित होंगे।”























