
– इंडिया नज़र ब्यूरो रुद्रपुर – ऊधम सिंह नगर के कई इलाकों में इन दिनों अवैध शराब, चरस, सुल्फा और नशीली दवाइयों का धंधा लगातार बढ़ रहा है। नशे की इस काली दुनिया ने न केवल दर्जनों परिवारों को बर्बाद कर दिया है, बल्कि कई युवा इसकी चपेट में आकर मौत के मुंह में समा चुके हैं। समाज में फैल रही इस भयावह स्थिति को देखते हुए अब युवा शक्ति खुलकर मैदान में उतर आई है।
इन्हीं में से एक हैं युवा सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा, जिन्होंने नशा माफियाओं के विरुद्ध खुली जंग छेड़ दी है। सुशील गाबा पिछले कई दिनों से रुद्रपुर शहर के अलग-अलग मोहल्लों, कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर युवाओं और परिवारों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत करा रहे हैं। उनकी यह जागरूकता मुहीम तेजी से जनसमर्थन जुटा रही है।
इन्हीं में से एक हैं युवा सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा, जिन्होंने नशा माफियाओं के विरुद्ध खुली जंग छेड़ दी है। सुशील गाबा पिछले कई दिनों से रुद्रपुर शहर के अलग-अलग मोहल्लों, कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर युवाओं और परिवारों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत करा रहे हैं। उनकी यह जागरूकता मुहीम तेजी से जनसमर्थन जुटा रही है।


सुशील गाबा ने शराब और नशा माफियाओं के खिलाफ सीधी लड़ाई का ऐलान कर दिया है। उनकी मुहीम से नशा कारोबारियों के हौसले पस्त होने लगे हैं, वहीं समाजसेवी और स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में उनके समर्थन में पीछे खड़े नज़र आ रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या पर पहली बार किसी युवा ने इतना दमदार कदम उठाया है। कई लोगों ने बताया कि नशे के कारण न केवल उनके परिवार टूटे हैं बल्कि कई घरों में रोजाना झगड़े और आर्थिक संकट भी पैदा हो गया है।
सुशील गाबा का कहना है कि “मैं यह लड़ाई किसी नाम, शोहरत या राजनीति के लिए नहीं लड़ रहा हूँ। यह जंग हर उस परिवार के लिए है जो नशे की वजह से टूट रहा है, हर उस माँ के लिए है जिसकी आंखें अपने बच्चे के भविष्य को लेकर हर रात भर आती हैं।

नशा सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि मौत का दरवाजा है। मैं चाहता हूँ कि हमारी युवा पीढ़ी इस अंधेरी राह से बाहर निकले और समाज के लिए एक मिसाल बने। हम सब मिलकर नशा माफिया को खत्म कर सकते हैं, बस आवश्यकता है एकजुट होकर आवाज उठाने की।
मैं हर गली, हर मोहल्ले, हर घर तक यह संदेश पहुंचा रहा हूँ कि नशे से दूर रहो, और नशा बेचने वालों का विरोध करो। सच की लड़ाई कठिन होती है, लेकिन मैं पीछे हटने वाला नहीं हूँ। जब तक इस जिले से नशा खत्म नहीं होगा, मेरी मुहीम जारी रहेगी।”
























