– हिमांशु तिवारी, फिल्म एडिटर ऊधम सिंह नगर – उत्तराखंड की प्राकृतिक वादियों में फिल्माई गई कमल मेहता प्रोडक्शंस की बहुप्रतीक्षित उत्तराखंडी फ़िल्म ‘पहाड़ी बाबू’ अब रिलीज़ के बेहद करीब है। फिल्म की एडिटिंग पूरी हो चुकी है और अब कलाकारों की डबिंग नए तैयार हुए आधुनिक ‘मेहता सुपर साउंड स्टूडियो’ में तेज़ी से की जा रही है।
मुख्य कलाकार अजय सिंह बिष्ट ने स्टूडियो पहुंचकर अपने संवादों की डबिंग की। उनके बाद अन्य कलाकार भी अपनी-अपनी भूमिका की रिकॉर्डिंग में व्यस्त हैं। फ़िल्म जल्द ही दर्शकों के सामने आएगी।
मुख्य कलाकार अजय सिंह बिष्ट ने स्टूडियो पहुंचकर अपने संवादों की डबिंग की। उनके बाद अन्य कलाकार भी अपनी-अपनी भूमिका की रिकॉर्डिंग में व्यस्त हैं। फ़िल्म जल्द ही दर्शकों के सामने आएगी।

स्थानीय फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा फायदा
कमल मेहता प्रोडक्शंस द्वारा बनाया गया नया मेहता सुपर साउंड स्टूडियो अब एडिटिंग, डबिंग, म्यूज़िक रिकॉर्डिंग और बैकग्राउंड स्कोर की पूरी सुविधा प्रदान कर रहा है। अब तक स्थानीय फिल्म निर्माताओं को पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए दिल्ली, मुंबई या देहरादून तक जाना पड़ता था, जो खर्चीला और समय लेने वाला था। स्टूडियो खुलने से क्षेत्र के फिल्मकारों को बड़ा लाभ मिलेगा।
फिल्म की कहानी – पलायन, संघर्ष और लौटकर कुछ करने की प्रेरक यात्रा
फिल्म की कहानी कमल मेहता ने लिखी है, जो एक युवा किरदार ‘गोबिंद’ के जीवन के इर्दगिर्द घूमती है। गोबिंद शहर जाकर मामूली नौकरी करता है, लेकिन गांव में बड़े ठाठ-बाठ दिखाता है। जब उसकी सच्चाई सामने आती है, तो वह गलती का एहसास कर गांव लौटकर हर्बल खेती के लिए पानी लाने की जद्दोजहद करता है। यह कहानी मनोरंजन के साथ-साथ एक मजबूत सामाजिक संदेश भी देती है।

400 साल पुरानी प्रेरणा से निर्मित कथा
डायरेक्टर कमल मेहता ने बताया कि ”यह फिल्म गढ़वाल के उस ऐतिहासिक किरदार से प्रेरित है जिसने पहाड़ी काटकर पानी का रास्ता बनाया था। इसे बड़े परदे पर जीवंत बनाना आसान नहीं था, लेकिन टीम इसे पूरी शिद्दत से तैयार कर रही है।”
‘पहाड़ी बाबू’ फिल्म की शूटिंग चम्पावत जिले की खूबसूरत लोकेशन्स, श्यामला ताल, सिनेमन वैली, सूखीढांग, बस्तिया गांव और आसपास के प्राकृतिक स्थलों पर की गई। फिल्म में अजय सिंह बिष्ट, कुसुम बिष्ट, आरती टम्टा, सुमित बाबा, विशाल शर्मा, सतीश कक्कड़, मनोज जोशी, प्रियांशु सिंह, समीर अंसारी और अन्य स्थानीय कलाकार शामिल है।

फ़िल्म के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर नाहिद खान ने बताया कि उत्तराखंडी भाषा में बनी यह फिल्म पहले क्षेत्रीय दर्शकों के लिए रिलीज़ होगी और बाद में हिंदी में डब कर पूरे देश में रिलीज़ की जाएगी। इसके साथ ही इसे विभिन्न फिल्म फेस्टिवल में भेजने की तैयारी भी की जा रही है। फिल्म में चार सुरीले गीत शामिल हैं, जिन्हें अनुभवी गायकों ने अपनी आवाज़ दी है। उम्मीद है कि ये गाने दर्शकों के बीच खास पसंद किए जाएंगे।
जल्द रिलीज़ होगी ‘पहाड़ी बाबू’
पोस्ट-प्रोडक्शन के अंतिम चरण में पहुंच चुकी यह फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों में जल्द ही नजर आएगी। कहानी, लोकेशन और संवेदनशील विषय इसे खास बनाते हैं।

























